Ashutosh Ranka: राजस्थान की राजधानी जयपुर में उस वक्त बवाल मच गया। जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत कार्यकर्ता राजकीय प्राथमिक विद्यालय का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। CJP ने आरोप लगाया है कि उसके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और वाहनों के शीशे तोड़े गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, CJP के कार्यकर्ता सुबह रामपुरा-कंवरपुरा गांव स्थित सरकारी प्राथमिक स्कूल पहुंचे थे। पार्टी का दावा है कि अभियान के तहत टीम स्कूल की बुनियादी सुविधाओं और भवन की स्थिति का जायजा लेने गई थी। हालांकि, वहां मौजूद ग्रामीणों ने कार्यकर्ताओं का विरोध शुरू कर दिया और उन्हें मौके से जाने के लिए कहा। कुछ समय बाद CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका भी स्कूल पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते माहौल और गरमा गया और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई देखते ही देखते CJP हाथापाई तक पहुंच गई और गांव वालों ने CJP कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की और उन्हें गांव से बाहर खदेड़ दिया। बता दें कि इस भारी हंगामे के बीच कई गाड़ियों के शीशे भी टुटे और कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई।
भाजपा पर लगाया आरोप
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट जारी कर इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव पहुंचे लोग असल में ग्रामीण नहीं, बल्कि भाजपा के बुलाए हुए गुंडे थे। जिनका सरगना कमल प्रधान गरीबों की जमीन पर कब्जा करने का काम करता है। रांका ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को यह मंजूर है कि बच्चे भैंसों के तबेले में पढ़ते रहें, लेकिन अगर इन स्कूलों को ठीक कराने की कोशिश की जाए तो यह उन्हें मंजूर नहीं है।
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी सोशल मीडिया पर इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान में आशुतोष रांका पर बीजेपी के गुंडों ने हमला किया और राजस्थान पुलिस ने ऐसा होने दिया।
बता दें कि रामपुरा-कंवरपुरा गांव के सरकारी स्कूल की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर लंबे समय से नाराजगी की बात सामने आती रही है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन की हालत खराब है और बच्चों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इसी मुद्दे को CJP ने अपने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत उठाया था। वहीं अब इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से सामने आए आरोपों के बीच प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।