Nepal Flood News: नेपाल की राजधानी काठमांडू के उत्तर में स्थित रसुवा जिले में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। तिब्बत की ओर से आए तेज पानी के कारण भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे तिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाकों में बाजार, सड़कें, पुल और जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुईं। बाढ़ का बहाव इतना तेज था कि कई वाहन और सामान बह गए। सुबह करीब 9 बजे आई इस बाढ़ से कई बस्तियों में पानी घुस गया और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे में कई लोगों की मौत की खबर है।
तिमुरे बाजार में मची तबाही
बाढ़ की रफ्तार इतनी तेज थी कि रास्ते में आने वाली कई चीजें बह गईं। रसुवा भन्सार क्षेत्र में खड़े वाहन और अन्य सामान भी पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। पिछले साल बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए स्थान पर हाल ही में बनाया गया एक पुल भी इस बार पानी के तेज बहाव में बह गया। वहीं, नेपाल की सेना के मुताबिक, तिमुरे और आसपास के इलाकों में अचानक पानी बढ़ने से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। कई जलविद्युत परियोजनाओं और स्थानीय बस्तियों के प्रभावित होने की जानकारी भी सामने आई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक करीब 8 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, नेपाल पर्यटन विभाग के मुताबिक, 291 टूरिस्ट लापता हैं। इनमें से 105 भारतीय भी शामिल हैं। इसके अलावा, टिमुरे बॉर्डर पोस्ट पर तैनात 9 पुलिसकर्मी लापता बताए जा रहे हैं और 25 लोगों को बचाया गया है।
बाढ़ के असर को देखते हुए बिहार के कई इलाकों में भी अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिले हाई अलर्ट पर हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने गंडक नदी में करीब 3 मीटर ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की आशंका भी जताई है।
पुलिस चौकियां भी बाढ़ की चपेट में
बाढ़ से रसुवा जिले में नेपाल पुलिस के तीन कार्यालयों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इनमें प्रहरी कार्यालय तिमुरे, प्रहरी चौकी स्याफ्रुबेसी और प्रहरी चौकी रसुवागढ़ी शामिल हैं। इसके अलावा, प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। सेना और सुरक्षा बलों के जवान लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं, क्योंकि सरकार की प्राथमिकता बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकालना और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी राहत सामग्री पहुंचाना है।
5 जिलों में हाई अलर्ट
बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन में नदी किनारे रहने वाले लोगों को अगले आदेश तक बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं, नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने भी भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। साथ ही, मुग्लिन तक के नदी किनारे के इलाकों को हाई रिस्क जोन बताया गया है। प्रशासन ने लोगों से पृथ्वी राजमार्ग, गल्छी-नुवाकोट-रसुवा-स्याफ्रुबेसी मार्ग और मुग्लिन-नारायणगढ़ सड़क पर यात्रा से बचने को कहा है। साथ ही, किसी भी तरह की खोज एवं बचाव या आपात सहायता की जरूरत होने पर टोल-फ्री नंबर 1234 पर संपर्क करने की अपील की गई है।
अचानक आई बाढ़ और बड़े नुकसान के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन को लेकर आपात बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री के सलाहकार असीम शाह के मुताबिक, बालेन्द्र शाह प्रभावित जिलों के प्रमुख अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
बता दें कि भोटेकोशी नदी चीन के तिब्बत से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है और आगे जाकर सुनकोशी नदी में मिल जाती है। यही सुनकोशी नदी आगे चलकर सप्तकोशी (कोसी) नदी बनती है, जो भारत के बिहार में प्रवेश करती है। इसके अलावा, पिछले साल भी भोटेकोशी में आई बाढ़ से नेपाल को बड़ा नुकसान हुआ था, जिससे उस हादसे में 9 लोगों की जान गई थी, जबकि 24 लोग लापता हो गए थे। साथ ही, नेपाल और चीन को जोड़ने वाला फ्रेंडशिप ब्रिज भी बाढ़ की चपेट में आकर बह गया था।
फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, राहत पहुंचाने और नदी किनारे रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने पर है। बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन राहत और बचाव अभियान के बाद सामने आने की उम्मीद है।