राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा अपडेट… SIT रिपोर्ट में चंपत राय-अनिल मिश्रा का नाम नहीं

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा अपडेट… SIT रिपोर्ट में चंपत राय-अनिल मिश्रा का नाम नहीं

Ram Mandir Case:राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में लंबे समय से चर्चा में रहने वाले श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मामले की जांच कर रही उत्तर प्रदेश सरकार की SIT ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम शामिल नहीं है। लंबे समय से दोनों की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे, ऐसे में SIT की रिपोर्ट को अहम माना जा रहा है। SIT ने शासन को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद इसे आगे की कार्रवाई के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेज दिया गया है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के सामने आने के बाद SIT की जांच के आधार पर इस मामले में कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें- अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, करूणेश पांडे और राम शंकर यादव उर्फ टीनू शामिल हैं। इनके अलावा कुछ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया था। वही इस मामले में 25 जून को पहली FIR दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

SIT की प्रारंभिक जांच में राम मंदिर के गिनती कक्ष से नकदी चोरी से जुड़ी कई अहम जानकारी सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 27 अप्रैल से 5 जून के बीच मिले CCTV फुटेज में कर्मचारियों की ऐसी गतिविधियां दर्ज हुईं, जिनमें कथित तौर पर गिनती कक्ष से नकदी छिपाकर बाहर ले जाई गई। इस रिपोर्ट में करीब 70 ऐसी घटनाओं का जिक्र है। इसके अलावा गिनती कक्ष में 7 बार नकदी चोरी पकड़े जाने की बात भी सामने आई है। इन घटनाओं के आधार पर जांच टीम ने मामले में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल की थी।

इसके अलावा इस मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर भी कई सवाल उठे थे। दोनों के नाम को लेकर लगातार चर्चा होती रही और उन पर कई आरोप भी लगाए गए। जिसके बाद दोनों ने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया था और अब SIT की रिपोर्ट में दोनों का नाम आरोपी के तौर पर शामिल नहीं है। इसी वजह से अब यह माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार की SIT ने दोनों के खिलाफ कोई आपराधिक भूमिका नहीं पाई गई है।

बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था और इस टीम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिकारी विजय विश्वास पंत को सौंपी गई थी। SIT की शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर ही मामले में आगे की कार्रवाई शुरू हुई और 25 जून को FIR दर्ज की गई। इसके अलावा राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT के अलावा एक दूसरी जांच भी चल रही है। यह जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित टीम द्वारा की जा रही है। ऐसे में देखना यह होगा कि आने वाले समय में इस मामले में आगे की कार्रवाई क्या होती है।

administrator

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *