30 की उम्र के बाद महिलाओं की सेहत के लिए जरूरी हैं ये पोषक तत्व, डाइट में शामिल करने से मिलेंगे कई फायदे

30 की उम्र के बाद महिलाओं की सेहत के लिए जरूरी हैं ये पोषक तत्व, डाइट में शामिल करने से मिलेंगे कई फायदे

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ती उम्र के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। खासकर 30 की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। काम का तनाव, बदलती लाइफस्टाइल, खान-पान में लापरवाही और हार्मोनल बदलाव शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को प्रभावित कर सकते हैं। इस उम्र में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ संतुलित डाइट ही नहीं, बल्कि कुछ जरूरी विटामिन और मिनरल्स पर भी ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है। क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ जरूरी पोषक तत्वों की कमी के कारण हड्डियों, मांसपेशियों, इम्यूनिटी और हार्मोनल हेल्थ पर असर पड़ सकता है। ऐसे में 30 के बाद खासतौर पर हड्डियों, मांसपेशियों, इम्यूनिटी और हार्मोनल हेल्थ का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है। तो आइए जानते हैं कि 30 की उम्र के बाद महिलाओं के लिए कौन-कौन से पोषक तत्व जरूरी हो जाते हैं और उन्हें डाइट में शामिल करना क्यों महत्वपूर्ण है।

विटामिन D

भारत में विटामिन D की कमी एक आम समस्या मानी जाती है। और इसकी कमी से थकान, कमजोरी और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं शरीर में विटामिन D हड्डियों, मांसपेशियों और सामान्य स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए शरीर में विटामिन D का स्तर बनाए रखने के लिए डॉक्टर रोजाना कुछ समय सुबह की हल्की धूप लेने की सलाह देते है और यह हमारे शरीर के लिए फायदेमंद भी होता है। हालांकि, केवल धूप के भरोसे रहना हर व्यक्ति के लिए पर्याप्त नहीं होता। ऐसे में अगर जांच में विटामिन D की कमी पाई जाती है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार सप्लीमेंट्स लिए जा सकते हैं।

विटामिन B12

विटामिन B12 शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। यह रेड ब्लड सेल्स के निर्माण, नर्वस सिस्टम के सामान्य कामकाज और शरीर में ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर थकान, कमजोरी, चक्कर आना और हाथ-पैरों में झनझनाहट जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। खासकर जिन महिलाओं की डाइट में विटामिन B12 के स्रोत कम हैं, उन्हें इसकी कमी का खतरा हो सकता है। ऐसे में लगातार थकान या कमजोरी महसूस होने पर डॉक्टर की सलाह से विटामिन B12 की जांच कराना बेहतर है। अगर जांच में कमी सामने आती है, तो डॉक्टर जरूरत के अनुसार B12 सप्लीमेंट या अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं।

आयरन

आयरन हमारे शरीर के लिए एक बेहद जरूरी पोषक तत्व माना जाता है। खासकर महिलाओं के लिए। क्योंकि महिलाओं में पीरियड्स के दौरान रक्तस्राव होने की वजह से शरीर में आयरन की कमी का खतरा बढ़ सकता है। शरीर में आयरन की पर्याप्त मात्रा न होने पर हीमोग्लोबिन कम हो सकता है, जिससे एनीमिया, कमजोरी, थकान, चक्कर आना और काम करने पर जल्दी थक जाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं इससे बचने के लिए डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, चना, राजमा, बीन्स, तिल और आयरन से भरपूर अन्य खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं।

ओमेगा-3 और मैग्नीशियम

ओमेगा-3 फैटी एसिड और मैग्नीशियम भी शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में शामिल हैं। क्योंकि इसे हमारे हार्ट, ब्रेन और आंखों की सेहत के लिए उपयोगी माना जाता है। और मछली, अखरोट, अलसी और चिया सीड्स जैसे खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करके इसे प्राप्त किया जा सकता है। वहीं, मैग्नीशियम भी नर्व फंक्शन और मांसपेशियों के सामान्य कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर कुछ लोगों में थकान, मांसपेशियों में ऐंठन या कमजोरी जैसी परेशानियां महसूस हो सकती हैं। जिसके लिए डाइट में नट्स, सीड्स, साबुत अनाज, दालें और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल की जा सकती हैं।

 

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