इंडोनेशिया में रविवार (13 सितंबर) को बड़ा समुद्री हादसा हो गया। जावा सागर में खराब मौसम के बीच Virgo Transport 8 नाम का यात्री जहाज पलट गया। यह फेरी पूर्वी जावा के सुराबाया से दक्षिण कालीमंतन के बंजारमासिन की ओर जा रही थी। और हादसे के वक्त जहाज पर कुल 243 लोग सवार थे, जिनमें यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल थे। राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक 107 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं करीब 130 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
खराब मौसम के बीच पलटा जहाज
इंडोनेशियाई अधिकारियों के मुताबिक, Virgo Transport 8 ने सुराबाया से बंजारमासिन के लिए यात्रा शुरू की थी और समुद्र में पहुंचने के बाद जहाज को खराब मौसम और ऊंची लहरों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, कप्तान ने जहाज के एक तरफ झुकने की जानकारी दी थी। इसके बाद जहाज से संपर्क टूट गया और बाद में उसके पलटने की जानकारी सामने आई। हालांकि हादसे की सटीक वजह की जांच अभी जारी है।
वहीं इस हादसे के बाद इंडोनेशिया की खोज एवं बचाव एजेंसी ने बड़े स्तर पर ऑपरेशन शुरू किया। इस बचाव अभियान में नौसेना का जहाज भी शामिल है। इसके अलावा हवाई निगरानी के लिए हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है। ताजा जानकारी के मुताबिक 107 लोगों को सुरक्षित निकाला गया हैं, जबकि छह लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा करीब 130 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और उनकी तलाश लगातार जारी है।
पहले भी हो चुके हैं बड़े समुद्री हादसे
बता दें कि इंडोनेशिया में इससे पहले भी कई बड़े फेरी हादसे हो चुके हैं। साल 1981 में Tampomas II में आग लगने के बाद जहाज जावा सागर में डूब गया था। इस हादसे में सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी। वहीं साल 2006 में Senopati Nusantara भी खराब मौसम के दौरान जावा सागर में डूब गई थी और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई या वे लापता हुए। इसके अलावा साल 2007 में Levina 1 फेरी में आग लगने के बाद हादसा हुआ था, जिसमें कम से कम 51 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2018 में Lestari Maju हादसे में 35 लोगों की जान गई थी। इन घटनाओं ने इंडोनेशिया में समुद्री सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।
फिलहाल इस घटना के बाद सबसे बड़ी चुनौती समुद्र में लापता लोगों को ढूंढना है और बचाव एजेंसियां लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक मौसम और समुद्र की स्थिति के बीच अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं हादसे की परिस्थितियों और जहाज के पलटने की वास्तविक वजह की जांच भी की जा रही है।