Indian Women Asia Cup Controversy: भारत की महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को श्रीलंका को 72 रन से हराकर ACC Women’s Asia Cup 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड 8वीं बार एशिया कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। हालांकि, खिताब जीतने के बाद मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों की जीत जितनी चर्चा में रही, उतनी ही चर्चा ट्रॉफी सेरेमनी को लेकर भी हुई।
दरअसल, मैच खत्म होने के बाद भारतीय टीम ट्रॉफी लेने के लिए प्रेजेंटेशन सेरेमनी में नहीं पहुंची। इसके बाद यह सवाल उठने लगा कि आखिर चैंपियन बनने के बावजूद टीम इंडिया ने ट्रॉफी क्यों नहीं ली? अब BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने इस पूरे मामले पर बोर्ड का पक्ष साफ कर दिया है। दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में भारत और श्रीलंका के बीच फाइनल मुकाबला खत्म होने के लगभग 40 मिनट बाद पुरस्कार समारोह शुरू हुआ। इस दौरान श्रीलंका की खिलाड़ियों को उपविजेता पदक दिए गए और कप्तान चामारी अटापट्टू से बातचीत भी हुई। हालांकि, इस दौरान भारतीय टीम का कोई खिलाड़ी या अधिकारी ट्रॉफी लेने के लिए मंच के पास नजर नहीं आया। आखिर में विजेता टीम को ट्रॉफी सौंपे बिना ही समारोह समाप्त हो गया।
BCCI ने बताई ट्रॉफी नहीं लेने की वजह
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने Sports Today से बातचीत में कहा कि भारतीय टीम का यह फैसला अचानक नहीं लिया गया था। इसके पीछे बोर्ड की मौजूदा नीति और पिछले साल पुरुष टीम द्वारा अपनाए गए रुख को ध्यान में रखा गया। सैकिया ने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ बहुराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट में मुकाबला करता रहेगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर औपचारिक प्रक्रिया में भी शामिल होना जरूरी है।
उनके मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों में कुछ व्यक्तियों से ट्रॉफी लेना भारत के लिए स्वीकार्य नहीं था। उन्होंने पिछले साल के पुरुष एशिया कप का भी जिक्र किया, जब भारतीय टीम ने खिताब जीतने के बाद ट्रॉफी नहीं ली थी। सैकिया ने कहा कि जब पुरुष टीम के मामले में BCCI ने अपना रुख कायम रखा है, तो महिला टीम के लिए इससे अलग फैसला लेने का सवाल ही नहीं उठता।
BCCI ने रखा था दूसरा विकल्प
देवजीत सैकिया के मुताबिक, BCCI ने ट्रॉफी समारोह को लेकर एक वैकल्पिक व्यवस्था का सुझाव भी दिया था। बोर्ड की इच्छा थी कि ACC के डिप्टी चेयरमैन भारतीय महिला टीम को विजेता ट्रॉफी सौंपें।mBCCI का मानना था कि इस तरीके से पुरस्कार समारोह भी पूरा हो सकता था और विवाद की स्थिति से भी बचा जा सकता था। हालांकि, इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई। सैकिया ने यह भी कहा कि पहले एशिया कप में विजेता टीम को उसके संबंधित क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख की ओर से ट्रॉफी दिए जाने की परंपरा रही है। उन्होंने बांग्लादेश और श्रीलंका का उदाहरण देते हुए कहा कि BCCI भी इसी व्यवस्था को बनाए रखने की मांग कर रहा था।
‘BCCI अपने रुख पर कायम है‘
BCCI सचिव ने स्पष्ट किया कि बोर्ड का मकसद किसी नए विवाद को खड़ा करना नहीं था। उनकी आपत्ति सिर्फ ट्रॉफी देने की प्रक्रिया और पुरानी परंपरा को लेकर थी। उन्होंने कहा कि पिछले करीब एक साल में हालात में कोई खास बदलाव नहीं आया है। इसलिए BCCI अपने पुराने स्टैंड से पीछे नहीं हटेगा। सैकिया ने उम्मीद जताई कि एशिया कप की दोनों ट्रॉफियां जल्द ही भारत को मिल जाएंगी।
कोच अमोल मजूमदार ने भी टीम का रुख साफ किया
भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने भी ट्रॉफी विवाद पर टीम की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि ट्रॉफी नहीं लेने का फैसला BCCI का था और टीम बोर्ड के इस फैसले के साथ है। मजूमदार ने कहा कि टीम के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत एशिया कप चैंपियन बन चुका है। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट उनके लिए खत्म हो चुका है और अब टीम का ध्यान आगे की चुनौती पर है। जब उनसे पूछा गया कि भारतीय टीम को ट्रॉफी कब मिलेगी, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी उनके पास कोई जानकारी नहीं है।
खिलाड़ियों ने ड्रेसिंग रूम में मनाया जश्न
फाइनल जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने BCCI सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला के साथ निजी तौर पर जीत का जश्न मनाया। इसके बाद टीम ड्रेसिंग रूम में चली गई। कुछ समय बाद आधिकारिक पुरस्कार समारोह शुरू हुआ। उस वक्त भारतीय टीम का कोई खिलाड़ी या अधिकारी मंच पर मौजूद नहीं था। श्रीलंका की टीम ने रनर-अप मेडल हासिल किए और इसके बाद समारोह समाप्त कर दिया गया।
2025 पुरुष एशिया कप की घटना फिर आई याद
दुबई में हुआ यह घटनाक्रम पिछले साल के पुरुष एशिया कप की घटना से भी जुड़ गया। 2025 में भारतीय पुरुष टीम ने भी खिताब जीतने के बाद ट्रॉफी स्वीकार नहीं की थी। उस समय भी विवाद का संबंध ACC प्रमुख मोहसिन नकवी से था। नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन होने के साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं। इस बार भी BCCI और ACC के बीच ट्रॉफी सौंपने को लेकर सहमति नहीं बन सकी। हालांकि, भारतीय महिला टीम ने मैदान पर अपने प्रदर्शन से किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ी और श्रीलंका को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया।
अब एशियन गेम्स पर टीम इंडिया की नजर
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने महिला टीम के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पूरे टूर्नामेंट में टीम ने शानदार क्रिकेट खेला और सेमीफाइनल से लेकर फाइनल तक खिलाड़ियों ने उम्मीदों पर खरा उतरकर दिखाया। भारत ने टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ भी एकतरफा जीत दर्ज की थी, जहां पाकिस्तानी टीम महज 55 रन पर सिमट गई थी। अब भारतीय टीम इस जीत को पीछे छोड़कर एशियन गेम्स की तैयारी करेगी। टीम की कोशिश महिला क्रिकेट में भारत का गोल्ड मेडल बरकरार रखने की होगी।