Gujarat News: गुजरात के भावनगर से पुलिस की कार्रवाई का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। जिसमें क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान हत्या के आरोपी की कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई किए जाने का दावा किया जा रहा है। वहीं वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और हिरासत में आरोपी के साथ व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान क्या हुआ?
जानकारी के मुताबिक, हत्या के आरोपी फैसल उर्फ खटकी को पुलिस क्राइम सीन रिक्रिएशन के लिए भावनगर के ST बस स्टैंड ले गई थी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है सामने आए इस वीडियो में आरोपी के हाथ रस्सी से बंधे नजर आ रहे हैं। वहीं कुछ पुलिसकर्मी आरोपी को पुलिस की जिप्सी के पीछे ले जाकर डंडों से पीटते दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा एक अन्य वीडियो में उसे बस स्टैंड परिसर में एक पोल से बांधे जाने का दावा भी किया जा रहा है। आरोपी के नीचे गिरने के बाद भी उसके साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी को कुछ ही मिनटों में 100 से ज्यादा बार डंडे मारे गए।
हत्या के मामले में आरोपी है फैसल
दरअसल फैसल उर्फ खटकी रफीकभाई लखानी पर 3 सितंबर को भावनगर के ST बस स्टैंड के पास अपनी लिव-इन पार्टनर काजलबेन की हत्या करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि काजलबेन पिछले करीब आठ वर्षों से फैसल के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी और घटना वाले दिन वह बस स्टैंड के पास अपने परिचित रवि उर्फ बडो गोहेल से बातचीत कर रही थी। इसी दौरान फैसल वहां पहुंचा और दोनों के बीच विवाद हो गया।
आरोप है कि इस विवाद के दौरान फैसल ने काजलबेन और रवि को लात मारी। इसके बाद उसने काजलबेन के बाल पकड़कर उसका सिर, गर्दन और चेहरा टाइल्स पर पटका। इसके बाद गंभीर हालत में काजलबेन को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले में फैसल को गिरफ्तार किया था। बाद में घटना की परिस्थितियों को समझने और जांच को आगे बढ़ाने के लिए उसे घटनास्थल पर ले जाकर सीन रिक्रिएशन कराया गया।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस पर सवाल
आरोपी को बांधकर कथित तौर पर पीटे जाने का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान पुलिस को इस तरह बल प्रयोग करने की अनुमति है? क्या पुलिस हिरासत में आरोपी के साथ किए जाने वाले व्यवहार को लेकर कानून और मानवाधिकारों के मानक लागू होते हैं? साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि अगर वीडियो में दिखाई दे रही कार्रवाई सही पाई जाती है, तो इसमें शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी?
पूर्व DGP के आदेश का भी जिक्र
मामले के बीच गुजरात के पूर्व प्रभारी DGP डॉ. के.एल.एन. राव के उस निर्देश का भी जिक्र किया जा रहा है, जिसमें पुलिसकर्मियों को आरोपियों के साथ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक व्यवहार करने या उन्हें सबके सामने घुमाने से बचने की हिदायत दी गई थी। ऐसे मामलों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
आरोपी के साथ पुलिस कितना बल प्रयोग कर सकती है?
बता दें कि किसी आरोपी से पूछताछ या जांच के दौरान पुलिस को तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होता है। अपराध की गंभीरता अपने आप में पुलिस को हिरासत में आरोपी के साथ मनमानी मारपीट करने की अनुमति नहीं देती। भावनगर की घटना में सामने आए वीडियो ने इसी मुद्दे पर बहस तेज कर दी है। अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस या प्रशासन इस कथित पिटाई की जांच कराता है या नहीं और वीडियो में नजर आ रहे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है या नहीं।