Patna Student Protest: बिहार की राजधानी पटना का गांधी मैदान मंगलवार (15 सितंबर) को एक बार फिर छात्र आंदोलन का गवाह बना। हजारों की संख्या में अभ्यर्थी बिहार दारोगा भर्ती परीक्षा (BPSC) को रद्द करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं, ऐसे में पूरी परीक्षा प्रक्रिया को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई जानी चाहिए। वहीं प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब छात्र जेपी गोलंबर की ओर बढ़ने लगे। यहां पुलिस और प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच झड़प भी हुई।
1799 पदों की भर्ती परीक्षा पर क्यों उठ रहे सवाल?
बिहार में 1799 दारोगा पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा 27 मई को आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद से ही कुछ अभ्यर्थियों की ओर से इसमें गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोप लगाए जा रहे हैं। छात्रों का दावा है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई इसलिए कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं यह पूरा मामला अब जांच के दायरे में भी है। आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU परीक्षा में सामने आई शिकायतों और कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, 79 अलग-अलग कतारों और कमरों में परीक्षा देने वाले कुल 301 अभ्यर्थियों के रिजल्ट भी जांच के दायरे में हैं। इसके अलावा पूर्णिया और गया में परीक्षा के दौरान कथित गड़बड़ियों की बात भी सामने आई है। जिसके बाद EOU ने इस संबंध में आयोग को नोटिस भेजकर अलग-अलग बिंदुओं पर विस्तृत जवाब मांगा है।
CM आवास घेरने का क्यों किया ऐलान?
बता दें कि छात्रों ने पहले ही 15 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया था। अपनी मांगों को लेकर कई अभ्यर्थी पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शन और अनशन भी कर रहे हैं। लेकिन जब आज मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्र गांधी मैदान पहुंचे तो इस आंदोलन ने बड़ा रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनकी मुलाकात कराई जाए और उन्हें अपनी शिकायतों और मांगों को लेकर सीधे मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने का मौका मिले।
हालांकि बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसी दौरान जेपी गोलंबर के पास पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
सिर्फ दारोगा भर्ती ही नहीं, दूसरी परीक्षाओं को लेकर भी नाराजगी
छात्रों का यह आंदोलन केवल 1799 पदों वाली दारोगा भर्ती तक सीमित नहीं है बल्कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने 70वीं BPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया है। उनकी मांग है कि जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, उनकी उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर परीक्षाएं रद्द की जाएं। इसके साथ ही बिहार कर्मचारी चयन आयोग यानी BSSC की लंबे समय से लंबित परीक्षाओं को जल्द आयोजित कराने की मांग भी की जा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि मेहनत करने वाले उम्मीदवारों के साथ किसी तरह का अन्याय न हो सके।
विपक्ष भी छात्रों के समर्थन में
छात्रों के इस आंदोलन को विपक्ष का भी समर्थन मिला है। विपक्ष ने राज्य सरकार पर छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात कर चुके हैं। विपक्ष का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों का सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और छात्रों की शिकायतों का समाधान किया जाना चाहिए। पटना की सड़कों पर छात्रों का यह प्रदर्शन बताता है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा अब बड़ा आंदोलन बनता जा रहा है। एक तरफ EOU मामले से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है, वहीं दूसरी तरफ अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं छात्रों की नजर अब इस बात पर है कि सरकार उनकी मांगों पर क्या फैसला लेती है और जांच के बाद दारोगा भर्ती परीक्षा को लेकर आगे क्या कदम उठाया जाता है।