Delhi draft voter list: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। ड्राफ्ट सूची सामने आने के बाद करीब 47.7 लाख मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। दिल्ली में SIR की प्रक्रिया के दौरान कुल 1,45,10,299 मतदाताओं का सत्यापन किया जाना था, लेकिन घर-घर जाकर चलाए गए अभियान के दौरान करीब 97.5 लाख मतदाताओं के ही गणना फॉर्म प्राप्त होकर डिजिटाइज हो सके।
चुनाव आयोग के मुताबिक SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और अपात्र या गलत तरीके से दर्ज नामों को सूची से हटाया जा सके। दिल्ली में जारी ड्राफ्ट सूची में फिलहाल करीब 97.5 लाख मतदाताओं के नाम शामिल हैं।
47.7 लाख नाम ड्राफ्ट लिस्ट में क्यों नहीं आए?
SIR की प्रक्रिया के तहत दिल्ली में घर-घर जाकर मतदाताओं से एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाए गए और उनकी जानकारी को डिजिटाइज भी किया गया। यह प्रक्रिया 30 जून से शुरू होकर 17 अगस्त तक चली थी। इस दौरान दिल्ली के कुल 1,45,10,299 मतदाताओं में से करीब 67.18 फीसदी यानी 97.5 लाख मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त हुए और उनका डेटा डिजिटाइज किया गया।
वहीं करीब 47.7 लाख मतदाताओं के फॉर्म ‘अनकलेक्टेबल’ श्रेणी में रखे गए। इनमें Absent (अनुपस्थित), Shifted (स्थानांतरित), Dead (मृत), Duplicate (डुप्लीकेट) और Others (अन्य) श्रेणियां शामिल हैं। इन मतदाताओं की जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण उनके नाम फिलहाल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किए गए हैं।
जिनका नाम नहीं है, उन्हें मिलेगा मौका
बता दें कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं आने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति का नाम हमेशा के लिए मतदाता सूची से बाहर हो गया है। अगर कोई व्यक्ति मतदान के लिए पात्र है और उसका नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, तो वह अपना नाम दोबारा शामिल कराने के लिए दावा दाखिल कर सकता है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के मुताबिक, प्रभावित मतदाता 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक अपने दावे और आपत्तियां दाखिल कर सकेंगे और इसके लिए फॉर्म-6 और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।
जैसाकि नाम शामिल कराने के लिए 30 सितंबर 2026 अंतिम तारीख निर्धारित की गई है। तो इस अवधि के दौरान प्राप्त दावों और आपत्तियों की चुनाव अधिकारियों की ओर से जांच की जाएगी। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 29 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद दिल्ली की फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।