2027 से पहले योगी सरकार का बड़ा ऐलान, 25 लाख युवाओं को फ्री टैबलेट, 24 बड़े फैसलों पर लगी मुहर

2027 से पहले योगी सरकार का बड़ा ऐलान, 25 लाख युवाओं को फ्री टैबलेट, 24 बड़े फैसलों पर लगी मुहर

Yogi Cabinet Meeting : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, वैसे-वैसे सियासी हलचल भी तेज होती जा रही है। सरकार में फेरबदल से लेकर विपक्ष को घेरने और बड़े ऐलानों तक, यूपी की राजनीति में हर कदम को चुनावी नजरिए से देखा जा रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 25 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में 24 बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई हैं। योगी सरकार के इन फैसलों में महिलाओं, युवाओं और प्रदेश के औद्योगिक विकास पर खासा जोर दिखाई दिया है। खास बात यह है कि सरकार ने युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख मुफ्त टैबलेट बांटने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है और इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,374.60 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। वहीं 60 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं से जुड़े फैसले को भी कैबिनेट मंजूरी दी गई है। आखिर कैबिनेट के इन बड़े फैसलों में क्या-क्या है और किन वर्गों को इसका सीधा फायदा मिलने वाला है, आइए जानते हैं।

बुर्जुग महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना’ को मंजूरी दी गई है। इसके तहत अब 60 वर्ष से ज्यादा उम्र की महिलाएं यूपी रोडवेज की साधारण बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के मुताबिक इस योजना से प्रदेश की एक करोड़ से ज्यादा महिलाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा योगी सरकार के इस फैसले को रक्षाबंधन से पहले महिलाओं के लिए बड़े तोहफे के तौर पर देखा जा रहा है। खासतौर पर 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को अब यूपी रोडवेज की साधारण बसों में सफर करने के लिए किराया नहीं देना होगा।

हालांकि इस मुफ्त यात्रा की सुविधा लेने के लिए महिलाओं को बस में अपनी उम्र का प्रमाण देना होगा। इसके लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी जैसे दस्तावेज दिखाए जा सकेंगे। यानी यात्रा के दौरान पात्रता साबित करने के लिए वैध पहचान पत्र साथ रखना जरूरी होगा।

हरिद्वार तक बढ़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे

योगी कैबिनेट ने गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तार देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर करीब 10,761 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। विस्तार के बाद बिजनौर से हरिद्वार की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही प्रयागराज और हरिद्वार के बीच तेज एक्सप्रेसवे कनेक्शन विकसित करने की दिशा में भी यह अहम कदम माना जा रहा है।

सुल्तानपुर में 272 करोड़ से बनेगा औद्योगिक क्लस्टर

कैबिनेट ने सुल्तानपुर में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यह क्लस्टर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक कॉरिडोर योजना के तहत विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 272.25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें औद्योगिक इकाइयों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।

25 लाख युवाओं को मिलेंगे मुफ्त टैबलेट

युवाओं के लिए भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,374.60 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इस योजना का मकसद युवाओं को डिजिटल संसाधनों से जोड़ना और उनकी पढ़ाई, तकनीकी प्रशिक्षण तथा रोजगार की तैयारी को आसान बनाना है। योजना के दायरे में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और अन्य प्रशिक्षण से जुड़े पात्र युवा शामिल होंगे। योजना को पांच साल के लिए लागू किया गया है।

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250 इलेक्ट्रिक बसों की होगी खरीद

प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 250 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इन बसों में 42 सीटर और 52 सीटर बसें शामिल होंगी। वहीं इन इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर करीब 425 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का फोकस इससे सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के साथ पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने पर भी है।

JPNIC 30 साल की लीज पर निजी कंपनियों को

लखनऊ के जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए JPNIC को 30 साल की लीज पर निजी कंपनियों को देने का रास्ता साफ कर दिया गया है। इसके तहत रॉकवुड होटल्स एंड रिजॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और वृंदावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड को इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी मिलेगी। दोनों कंपनियां इसके लिए LDA को 831 करोड़ रुपये का भुगतान करेंगी।

बता दें कि JPNIC का निर्माण समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में हुआ था और यह पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से जुड़ा प्रमुख प्रोजेक्ट रहा है। कैबिनेट के फैसले के बाद अब इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र को देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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