Lionel Messi: अर्जेंटीना के मशहूर फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी ने अर्जेंटीना की जर्सी में अपना आखिरी मैच यादगार बना दिया। 39 वर्षीय मेस्सी ने बुधवार (6 सितंबर) को ब्यूनस आयर्स के एस्टाडियो मास मॉन्यूमेंटल में बेनिन के खिलाफ खेले गए दोस्ताना मुकाबले में एक गोल किया और दो असिस्ट दिए। अर्जेंटीना ने यह मुकाबला 3-0 से अपने नाम किया। ‘द लास्ट टैंगो’ के नाम से प्रमोट किए गए इस मैच में हजारों फैंस अपने पसंदीदा खिलाड़ी को आखिरी बार राष्ट्रीय टीम की जर्सी में देखने पहुंचे थे।

भावुक हुआ पूरा स्टेडियम
इस मैच से पहले स्टेडियम में मेस्सी की 10 नंबर की विशाल जर्सी दिखाई गई, जिस पर ‘धन्यवाद’ शब्द लिखा था। इसके बाद जब लियोनेल मेस्सी अपने बेटों थियागो, माटेओ और सिरो के साथ मैदान पर पहुंचे तो पूरा स्टेडियम नारों और आतिशबाजी से गूंज उठा। इस अद्भूत नजारें को देख मेस्सी काफी भावुक नजर आए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। उनके साथ खड़े अर्जेंटीना के हेड कोच लियोनेल स्कालोनी और निकोलस ओटामेंडी भी इस भावुक पल में अपने आंसू नहीं रोक सके। अर्जेंटीना की 2022 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य और उनके परिवार भी इस खास मौके पर मौजूद थे।
गोल और दो असिस्ट के साथ शानदार विदाई
मेस्सी ने मुकाबले में शुरुआत से ही अपनी पहचान वाला खेल दिखाया। उन्होंने दूसरे हाफ में निकोलस ओटामेंडी और निको पाज़ को गोल करने में मदद की। इसके बाद 71वें मिनट में मिली पेनल्टी को मेस्सी ने दाहिने ऊपरी कोने में शानदार शॉट लगाकर गोल में बदल दिया। आठ बार बैलोन डी’ओर जीत चुके मेस्सी ने इस प्रदर्शन के साथ अर्जेंटीना की जर्सी में अपने आखिरी 90 मिनट को खास बना दिया। मैच के आखिरी पलों में उनके पास दूसरा गोल करने का मौका भी आया, लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट के ऊपर से निकल गया।
21 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत
बता दें कि मेस्सी ने साल 2005 में अर्जेंटीना की सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था। इससे पहले उसी साल उन्होंने अर्जेंटीना को अंडर-20 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी और टॉप स्कोरर बने थे। इसके बाद साल 2008 बीजिंग ओलंपिक में भी उन्होंने अर्जेंटीना के साथ स्वर्ण पदक जीता था।

सीनियर टीम के शुरुआती वर्षों में मेस्सी को कई निराशाओं का सामना करना पड़ा। 2014 विश्व कप फाइनल में जर्मनी से हार और 2015 व 2016 कोपा अमेरिका के फाइनल में चिली से मिली हार के बाद उनकी काफी आलोचना हुई। जिसके बाद 2016 में तो मेस्सी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान भी कर दिया था, लेकिन बाद में उन्होंने टीम में वापसी की। इसके बाद मेस्सी और अर्जेंटीना की कहानी पूरी तरह बदल गई। 2021 में अर्जेंटीना ने ब्राजील को हराकर कोपा अमेरिका का खिताब जीता और मेस्सी ने अपना पहला बड़ा सीनियर अंतरराष्ट्रीय खिताब हासिल किया। इसके बाद 2022 में इटली को हराकर फाइनलिसिमा जीती गई।
फिर कतर में खेले गए 2022 फीफा विश्व कप में मेस्सी का जादू चला और उन्होंने अर्जेंटीना को चैंपियन बनाया। फ्रांस के खिलाफ फाइनल में उन्होंने दो गोल किए और पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना ने विश्व कप जीत लिया। मेस्सी को टूर्नामेंट का गोल्डन बॉल पुरस्कार भी मिला। वहीं 2024 में अर्जेंटीना ने कोलंबिया को हराकर लगातार दूसरी बार कोपा अमेरिका का खिताब जीता।
अर्जेंटीना के लिए बनाए कई बड़े रिकॉर्ड
लियोनेल मेस्सी अर्जेंटीना के फुटबॉल इतिहास में सबसे ज्यादा खिताब जीतने वाले खिलाड़ियों में सबसे आगे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए 207 मैच खेले, जिसमें 126 गोल और 66 असिस्ट दर्ज किए। ये सभी अर्जेंटीना के लिए रिकॉर्ड हैं। वहीं उनके बड़े खिताबों में 2008 बीजिंग ओलंपिक का स्वर्ण पदक, 2021 और 2024 कोपा अमेरिका, 2022 फाइनलिसिमा और 2022 फीफा विश्व कप शामिल हैं। उन्होंने अपने बड़े प्रतिद्वंद्वी क्रिस्टियानो रोनाल्डो के साथ रिकॉर्ड छह विश्व कप में भी हिस्सा लिया। अर्जेंटीना के फैंस के लिए कल को फुटबॉल मैच का नतीजा सबसे बड़ी बात नहीं था। उनके लिए असली मौका अपने सबसे बड़े फुटबॉल सितारे को आखिरी बार राष्ट्रीय टीम की जर्सी में देखना था। अंतिम सीटी बजते ही पूरा मॉन्यूमेंटल स्टेडियम मेस्सी के नाम के नारों से गूंज उठा।
मेस्सी ने अपने आखिरी मैच में गोल और दो असिस्ट के साथ एक बार फिर दिखाया कि वह क्यों अर्जेंटीना के सबसे बड़े फुटबॉल नायकों में गिने जाते हैं। आंखों में आंसू, चेहरे पर मुस्कान और मैदान पर शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपनी राष्ट्रीय टीम को अलविदा कहा। अर्जेंटीना की जर्सी में उनका यह आखिरी मैच उनके 21 साल के अंतरराष्ट्रीय सफर का ऐसा अध्याय बन गया, जिसे फैंस लंबे समय तक याद रखेंगे।
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