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राहुल गांधी बोले- ‘यह शिव की बारात है, इसमें कोई भी शामिल हो सकता है’, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन

राहुल गांधी बोले- ‘यह शिव की बारात है, इसमें कोई भी शामिल हो सकता है’, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन

नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी घमासान के बीच राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता ने विपक्ष के प्रस्तावित मार्च को ‘शिव की बारात’ बताते हुए कहा कि इसमें शामिल होने के लिए किसी विशेष योजना या नेतृत्व की जरूरत नहीं है, कोई भी इसमें हिस्सा ले सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को दिल्ली पहुंचने से रोका जा रहा है और राजधानी को किले में बदल दिया गया है। राहुल गांधी ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल या नेता की निजी लड़ाई नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र को बचाने की मुहिम है। उन्होंने साफ किया कि जब तक न्याय नहीं मिलता, विपक्ष पीछे नहीं हटेगा।

‘दिल्ली को किला बना दिया’

सुप्रीम कोर्ट तक मार्च से पहले राहुल गांधी ने करीब 35 मिनट तक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों को रोकने के कथित प्रयासों पर सवाल उठाए। राहुल ने आरोप लगाया कि लोगों को राजधानी आने से रोका जा रहा है इसके अलावा राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जितना उन्हें बचाने की कोशिश करेगी, विपक्ष उतना ही आगे अपनी लड़ाई जारी रखेगा।

पुलिस कार्रवाई पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल

राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मी भी इस स्थिति से परेशान हैं और उनसे युवाओं को रोकने के लिए कहा जा रहा है। राहुल ने महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किए जाने के आरोप भी लगाए है। उन्होंने पिछले प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष ने पहले चुनाव आयोग तक जाने की कोशिश की थी, लेकिन नेताओं को रोककर बसों में बैठा दिया गया। उन्होंने बताया कि विपक्ष ने प्रदर्शन के लिए जगह उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसके बाद जंतर-मंतर पर बैठने और फिर राजघाट जाने के दौरान भी कथित तौर पर कार्रवाई का सामना करना पड़ा। राहुल गांधी ने कहा कि अब विपक्ष अपनी मांगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा। उन्होंने बताया कि विपक्षी नेता अदालत में याचिका दाखिल कर अपनी बात रखने की तैयारी में हैं।

 

‘यह पांच दिन की लड़ाई नहीं’

राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का संघर्ष हाल के कुछ दिनों तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, नेताओं और कार्यकर्ताओं को लंबे समय से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि विरोध के दौरान मुश्किलें आएंगी, लेकिन विपक्ष अपनी मांगों पर कायम रहेगा। राहुल ने कहा कि चाहे एक महीना लगे, दो महीने या एक साल, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने धैर्य और लगातार प्रयास करते रहने पर जोर दिया। उनके मुताबिक, विपक्ष का उद्देश्य केवल प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान से जुड़े सवालों को देश के सामने रखना है।

‘संविधान की रक्षा कीजिए, यह आपके भविष्य की लड़ाई है’

राहुल गांधी ने मार्च में लोगों से शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि यह देश के युवाओं के भविष्य और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि जो लोग मौके पर नहीं पहुंच सकते, वे भी अपना समर्थन और विरोध शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त कर सकते हैं।  उन्होंने यह भी कहा कि इस लड़ाई में राहुल गांधी या नरेंद्र मोदी जैसे किसी एक व्यक्ति का सवाल नहीं है, बल्कि देश की जनता और संविधान का सवाल है। राहुल ने नागरिकों से अपील की कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाएं।

‘यह शिव तांडव, शिव की बारात में कोई भी आ सकता है’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने मार्च की तुलना धार्मिक प्रतीक से करते हुए कहा कि यह ‘शिव का तांडव’ है और इसमें किसी तरह की औपचारिक योजना की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी बहन प्रियंका गांधी उनसे योजना बनाने की बात कहती हैं, लेकिन उनके अनुसार यह आंदोलन जनता की भागीदारी से आगे बढ़ेगा।

राहुल गांधी ने ‘शिव की बारात’ का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें कोई भी शामिल हो सकता है। उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा से तुलना करते हुए कहा कि उस यात्रा में रथ पर नेता थे और लोग पीछे चल रहे थे, जबकि मौजूदा मार्च में सभी की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

200 अधिकारियों के संपर्क में होने का दावा

राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि सरकार के करीब 200 अधिकारी उनके संपर्क में हैं और उन्हें जानकारी दे रहे हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि विपक्ष अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेगा। फिलहाल SIR विवाद के बीच राहुल गांधी के इन बयानों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब नजर विपक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट में उठाए जाने वाले कदमों, मार्च के घटनाक्रम और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर रहेगी।

 

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