भारतीय क्रिकेट में टीम चयन को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। न्यूजीलैंड दौरे के लिए वनडे टीम के ऐलान के बाद कुछ अनुभवी खिलाड़ियों के भविष्य पर अब सवाल उठने लगे हैं। किसी ने अपनी गेंदबाजी से भारत को कई यादगार जीत दिलाई हैं, तो किसी ने बल्ले और गेंद दोनों से टीम की ताकत बढ़ाई है। इसके बावजूद इन खिलाड़ियों को आगामी वनडे सीरीज में जगह नहीं मिली है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या भारतीय टीम अब पुराने चेहरों की जगह युवा खिलाड़ियों मौका देती नजर आ रही है?
दरअसल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने शुक्रवार को न्यूजीलैंड दौरे के लिए वनडे और टेस्ट टीम की घोषणा की। भारत का यह दौरा 22 अक्टूबर से शुरू होने वाला है, जिसमें पहले पांच टी20 मुकाबले, फिर पांच वनडे मैच और आखिर में दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जानी है। टी20 टीम में 36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार की वापसी हुई है, लेकिन वनडे टीम में उन्हें जगह नहीं मिली। उनके अलावा मोहम्मद शमी, रवींद्र जडेजा, युजवेंद्र चहल और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों के नाम भी घोषित वनडे स्क्वाड में शामिल नहीं हैं। इन खिलाड़ियों का बाहर रहना इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि भारत को 2027 में वनडे वर्ल्ड कप और 2028 में टी20 वर्ल्ड कप खेलना है। हालांकि, मौजूदा चयन के आधार पर इनके अंतरराष्ट्रीय करियर या वर्ल्ड कप की संभावनाओं को पूरी तरह खत्म मानना जल्दबाजी होगी।

1. रवींद्र जडेजा: क्या युवा ऑलराउंडरों को मिल रही प्राथमिकता?
रवींद्र जडेजा भारतीय क्रिकेट के उन अनुभवी खिलाड़ियों में शूमार हैं, जो अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और शानदार फील्डिंग के दम पर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। उनके पास 190 से ज्यादा वनडे मैचों का अनुभव है। निचले मध्यक्रम में उपयोगी रन बनाने के साथ वह स्पिन गेंदबाजी से विपक्षी टीम पर दबाव बनाने में भी माहिर हैं।
जडेजा को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में वापस बुलाया गया था। इसके बाद माना जाने लगा था कि वह आगामी वनडे वर्ल्ड कप की योजनाओं का हिस्सा बने रह सकते हैं। लेकिन न्यूजीलैंड दौरे के लिए घोषित टीम में उनका नाम नहीं होने से फैंस के भी चर्चा तेज हो गई है वहीं दूसरी तरफ , नमन धीर जैसे युवा ऑलराउंडर को टीम में मौका मिला है। इसे भारतीय टीम में युवा खिलाड़ियों को अवसर देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, केवल नमन धीर के चयन के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि उन्होंने जडेजा की जगह स्थायी रूप से ले ली है।
2. मोहम्मद शमी: शानदार रिकॉर्ड के बावजूद टीम से बाहर
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का नाम इस सूची में आता है। वनडे वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत के लिए सर्वाधिक 55 विकेट लेने वाले शमी अपनी घातक गेंदबाजी के दम पर कई बार विपक्षी बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर चुके हैं। नई गेंद से विकेट निकालने के साथ पुरानी गेंद से भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है।

इसके बावजूद न्यूजीलैंड दौरे के लिए घोषित वनडे टीम में उन्हें जगह नहीं मिली है। शमी का चयन न होना इसलिए भी चर्चा का विषय है, क्योंकि वह रणजी ट्रॉफी के पहले राउंड में पांच विकेट लेकर आए हैं। घरेलू क्रिकेट में उनके इस प्रदर्शन के बाद उम्मीद की जा रही थी कि उन्हें भारतीय टीम में वापसी का अवसर मिल सकता है और न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में शमी की सटीक लाइन-लेंथ, सीम और स्विंग का इस्तेमाल करने की क्षमता भारतीय टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती थी। ऐसे में उन्हें किसी भी प्रारूप में मौका नहीं मिलने से प्रशंसकों के बीच सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन और भविष्य में चयन की संभावनाएं अभी भी अहम रहेंगी।
3. युजवेंद्र चहल: व्हाइट बॉल क्रिकेट में वापसी का रास्ता मुश्किल
लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल भी उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिनकी टीम इंडिया में वापसी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में चहल ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया था। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया था कि इससे वनडे और टी20 क्रिकेट में भारत के लिए खेलने के उनके रास्ते बंद नहीं होते।
चहल सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी विकेट लेने की क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं। मध्य ओवरों में बल्लेबाजों पर दबाव बनाना और अहम मौकों पर विकेट निकालना उनकी गेंदबाजी की खासियत रही है। इसके बावजूद न्यूजीलैंड दौरे के लिए घोषित वनडे टीम में उन्हें जगह नहीं मिली है। चहल की नजरें अभी भी व्हाइट बॉल क्रिकेट में वापसी पर हैं, लेकिन आगामी सीरीज के लिए चयन नहीं होना उनके लिए झटका माना जा सकता है। 2027 वनडे वर्ल्ड कप में खेलने की उनकी उम्मीदें अब भविष्य के प्रदर्शन और चयनकर्ताओं की रणनीति पर निर्भर करेंगी।
4. भुवनेश्वर कुमार: टी20 में वापसी, लेकिन वनडे टीम से दूरी
भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टी20 टीम में वापसी ने प्रशंसकों का ध्यान खींचा है। 36 वर्षीय तेज गेंदबाज लंबे समय से भारतीय वनडे टीम से बाहर हैं, लेकिन टी20 प्रारूप में उन्हें दोबारा मौका मिला है। वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी टी20 मैच के लिए भी उन्हें टीम में जगह मिली है।

बता दें कि भुवनेश्वर अपनी स्विंग गेंदबाजी के लिए मशहूर रहे हैं। शुरुआती ओवरों में गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने और पावरप्ले में विकेट निकालने की उनकी क्षमता भारतीय टीम के लिए कई बार फायदेमंद साबित हुई है। उनकी गेंदबाजी में नियंत्रण और अनुभव भी टीम को मजबूती दे सकते हैं। न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में स्विंग गेंदबाजों की भूमिका अहम हो सकती है। ऐसे में भुवनेश्वर के अनुभव का वनडे टीम में भी इस्तेमाल किया जा सकता था। हालांकि, चयनकर्ताओं ने उन्हें केवल टी20 टीम में जगह दी है और वनडे स्क्वाड से बाहर रखा है।
5. संजू सैमसन: शानदार वनडे औसत के बावजूद नहीं मिला मौका
संजू सैमसन का नाम भी उन खिलाड़ियों में शामिल है, जिन्हें न्यूजीलैंड दौरे की वनडे टीम में जगह नहीं मिली। सैमसन के वनडे रिकॉर्ड को देखें तो उनका बल्लेबाजी औसत 50 से अधिक रहा है। वह जरूरत के मुताबिक तेजी से रन बनाने और पारी को संभालने की क्षमता रखते हैं।


