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यूपी में 3,587 शिक्षकों को मिला नियुक्ति पत्र, CM योगी बोले- शिक्षक छात्रों को सिर्फ पढ़ाएं नहीं, बल्कि दिशा भी दें

यूपी में 3,587 शिक्षकों को मिला नियुक्ति पत्र, CM योगी बोले- शिक्षक छात्रों को सिर्फ पढ़ाएं नहीं, बल्कि दिशा भी दें

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में चयनित 3,587 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता (पीजीटी) और सहायक अध्यापक (टीजीटी) शामिल रहे। कार्यक्रम का प्रदेशभर में लाइव प्रसारण भी किया गया। नियुक्ति पाने वालों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता (पीजीटी) और 2,372 सहायक अध्यापक (टीजीटी) शामिल हैं। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी भी मौजूद रहीं।

शिक्षक सिर्फ पढ़ाए नहीं, छात्रों को दिशा भी दें

नियुक्ति पत्र वितरण के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यदि एक शिक्षक साल में 100 विद्यार्थियों के साथ संवाद करता है तो सभी चयनित शिक्षकों के जरिए करीब 3.5 लाख से अधिक बच्चों तक मार्गदर्शन पहुंच सकता है। सीएम योगी ने कहा कि भारत जब दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और ज्ञान परंपरा के लिए जाना जाता था, तब उसे विश्वगुरु कहा जाता था। सरकार स्कूलों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए व्यवस्था बना सकती है, लेकिन इन प्रयासों को आगे बढ़ाने की क्षमता विद्यार्थियों में शिक्षक ही विकसित करते हैं। यही प्रक्रिया देश को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देगी।

कृष्ण और सुदामा की शिक्षा का उदाहरण दिया

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षा के समान अवसर पर जोर देते हुए कहा कि जिस पंक्ति में कृष्ण पढ़ेंगे, उसी पंक्ति में गरीब सुदामा भी पढ़ेंगे। उन्होंने गुरु सांदीपनि का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने दोनों शिष्यों को समान रूप से शिक्षा दी। उन्होंने कहा कि भगवान राम आदर्श के प्रतीक हैं। उत्तर और दक्षिण को जोड़ने की जिम्मेदारी जब महर्षि अगस्त्य को मिली तो उन्होंने उसे पूरा किया।

नकल और भ्रष्टाचार पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नकल माफिया पर लगाम लगाने के लिए पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पहले योग्य अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित होते थे और व्यवस्था में सेंध लगाने वालों को मौका मिलता था।प्रयागराज में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि युवाओं को राहत देने के लिए उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंत्री से एनसीटीई को पत्र भेजने को कहा है। उन्होंने कहा कि नियमों को एक निश्चित अवधि के बाद लागू किया जाए, ताकि युवाओं के भविष्य में अनावश्यक रुकावट न आए। इसके बाद सीएम योगी ने सैफई से जुड़े राजनीतिक विरोधियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार लगातार नियुक्तियां करती रहेगी।

पुरानी भर्ती व्यवस्था पर उठाए सवाल

सीएम योगी ने पुरानी भर्ती व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए गंभीर सवाल उठाए और कहा कि जिन लोगों के कार्यकाल को लेकर पहले शिकायतें सामने आती थीं, वे आज सरकार को नसीहत दे रहे हैं। उन्होंने एक अभ्यर्थी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस व्यक्ति ने बताया था कि उसने वर्ष 2015 में भी इसी पद के लिए आवेदन किया था और उससे कथित तौर पर आठ लाख रुपये मांगे गए थे। सीएम के मुताबिक, अभ्यर्थी जब पैसे की व्यवस्था करके वापस आया तो उससे अधिक रकम देने वाले व्यक्ति को नौकरी मिल गई। उन्होंने कहा कि अब उसी पद पर योग्यता के आधार पर उस अभ्यर्थी का चयन हुआ है।

अगले छह महीने में एक लाख नौकरियां देने का लक्ष्य 

इस कार्यक्रम में उन्होंने एक बार फिर नौकरी देने का वादा करते हुए कहा  कि अब तक करीब 9.5 लाख युवाओं को रोजगार दिया जा चुका है और आने वाले छह महीनों में एक लाख और नौकरियां देने का लक्ष्य है। सीएम ने कहा कि लोग सरकार से पूछते हैं कि उसका परिणाम क्या रहा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर निकल चुका है और प्रदेश की ग्रोथ तीन गुना हुई है।

सीएम योगी ने नवनियुक्त शिक्षकों से कहा कि उनका दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं है। शिक्षक ऐसा वातावरण तैयार करें, जिससे उनके पढ़ाए विद्यार्थी उन्हें लंबे समय तक याद रखें। उन्होंने कहा कि आज गूगल से जानकारी मिल सकती है और एआई कई सवालों के जवाब दे सकता है, लेकिन सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता विद्यार्थी के भीतर विकसित करना शिक्षक की जिम्मेदारी है।

मंत्री गुलाब देवी ने चयन प्रक्रिया को बताया पारदर्शी

इस कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि नवनियुक्त अभ्यर्थियों ने अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर विभाग में जिम्मेदारी हासिल की है। उन्होंने कहा कि पहले कई बार योग्य अभ्यर्थी पीछे रह जाते थे और चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया जा रहा है। मंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों और आयोग के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि योग्य उम्मीदवारों का चयन हुआ है।

ये भी पढ़ें:- सीएम योगी ने 912 चयनित अभ्यर्थियों को दिए नियुक्ति पत्र, बोले- अगले 6 महीने में 1 लाख से ज्यादा युवाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी

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