प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को महाराष्ट्र और गुजरात के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह करीब 35 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं में रेलवे, सड़क, माल ढुलाई और कनेक्टिविटी से जुड़ी कई बड़ी योजनाएं शामिल हैं।
पीएम मोदी इस दौरे के दौरान वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के 326 किलोमीटर लंबे तीन हिस्सों का उद्घाटन करेंगे। इन हिस्सों के शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश के दादरी से महाराष्ट्र के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) तक पूरा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर चालू हो जाएगा।
दादरी से JNPT तक चलेगा फ्रेट कॉरिडोर
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 1,506 किलोमीटर है। यह उत्तर प्रदेश के दादरी से शुरू होकर हरियाणा, राजस्थान, गुजरात होते हुए महाराष्ट्र के JNPT पोर्ट तक जाता है। वहीं इस कॉरिडोर का मुख्य उद्देश्य मालगाड़ियों को तेज गति देना और देश के औद्योगिक इलाकों को बड़े बंदरगाहों से जोड़ना है। इस पूरे रूट में अलग-अलग राज्यों में कॉरिडोर की लंबाई इस तरह है-
उत्तर प्रदेश – 18 किलोमीटर
हरियाणा – 177 किलोमीटर
राजस्थान – 567 किलोमीटर
गुजरात – 565 किलोमीटर
महाराष्ट्र – 177 किलोमीटर
इस कॉरिडोर पर मालगाड़ियों की औसत रफ्तार करीब 25 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है जबकि इसकी अधिकतम डिजाइन गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा है। प्रधानमंत्री मोदी WDFC के जिन तीन हिस्सों का उद्घाटन करेंगे, उनकी कुल लागत 20,700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इनमें शामिल हैं साणंद-मकरपुरा सेक्शन, न्यू उमरगांव-न्यू, सफाले सेक्शन, न्यू सफाले-JNPT सेक्शन। पीएम इन नए सेक्शन से मालगाड़ी सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाएंगे।
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस पर डबल स्टैक कंटेनर ट्रेनें चल सकती हैं। यानी एक कंटेनर के ऊपर दूसरा कंटेनर रखकर एक ही ट्रेन से ज्यादा सामान आसानी से भेजा जा सकता है। इसके अलावा कॉरिडोर को रेलवे क्रॉसिंग से भी मुक्त बनाया गया है। जिससे मालगाड़ियों को रास्ते में बार-बार रुकना नहीं पड़ेगा और सामान तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जा सकेगा। वहीं एक मालगाड़ी करीब 1.5 किलोमीटर लंबी हो सकती है और इसमें हजारों टन सामान ले जाया जा सकता है।
दिल्ली-NCR से मुंबई तक माल पहुंचाना होगा आसान
बता दें कि इस कॉरिडोर से दिल्ली-NCR और उत्तर भारत के औद्योगिक क्षेत्रों से मुंबई और गुजरात के बंदरगाहों तक सामान पहुंचाना बेहद आसान होगा। पहले जहां दिल्ली-NCR से मुंबई और गुजरात के बंदरगाहों तक माल पहुंचने में करीब 48 से 72 घंटे लगते थे। वहीं अब यह समय घटकर 24 घंटे से भी कम होने की उम्मीद है।
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के जरिए उत्तर भारत के कई बड़े औद्योगिक क्षेत्रों को बंदरगाहों से सीधा कनेक्शन मिलेगा। इस रूट में दादरी, रेवाड़ी, नारनौल, अजमेर, जयपुर के पास फुलेरा, अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और महाराष्ट्र के कई महत्वपूर्ण इलाके शामिल हैं। इससे उद्योगों को सामान भेजने और कच्चा माल मंगाने में आसानी होगी। साथ ही लॉजिस्टिक्स की लागत कम करने में भी मदद मिल सकती है।
329 किलोमीटर की तीन रेलवे परियोजनाओं की नींव
प्रधानमंत्री मोदी करीब 329 किलोमीटर लंबी तीन रेलवे परियोजनाओं की नींव भी रखेंगे। इनकी लागत 9,700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। जिनमें-
– वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी रेल लाइन
– मियागाम करजन-चोरंडा-मलसार गेज कन्वर्जन
– विश्वामित्री-डभोई डबलिंग प्रोजेक्ट
इसके अलावा गुजरात में करीब 2,600 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया जाएगा। पीएम मोदी गुजरात और महाराष्ट्र में सड़क से जुड़ी कई परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। जिसमें करीब 1,780 करोड़ रुपये की तीन नेशनल हाईवे परियोजनाएं भी इसमें शामिल हैं। NH-48 के कामरेज-चलथान सेक्शन को 6 लेन करने का काम और वडोदरा-सूरत के बीच तापी और नर्मदा नदियों पर पुलों से जुड़े काम भी इसमें शामिल हैं। इसके अलावा NH-53 और NH-48 पर कई जगहों पर 6 लेन फ्लाईओवर का भी लोकार्पण किया जाएगा।
JNPT से तेज होगी माल की आवाजाही
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का सीधा फायदा जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) को भी मिलेगा। इससे देश के बाहर भेजे जाने और विदेश से आने वाले सामान यानी EXIM कार्गो की आवाजाही तेज होगी। औद्योगिक शहरों और बंदरगाहों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने से कारोबार को फायदा मिल सकता है। साथ ही मुंबई के मौजूदा रेलवे नेटवर्क पर मालगाड़ियों का दबाव कम होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का भी उद्घाटन करेंगे। यह सम्मेलन 8 से 11 सितंबर तक चलेगा। इस कार्यक्रम में नीति निर्माता, नियामक, केंद्रीय बैंक, वित्तीय संस्थान, फिनटेक और टेक्नोलॉजी कंपनियां, निवेशक और शिक्षाविद शामिल होंगे।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा रेलवे, सड़क, माल ढुलाई, बंदरगाह और फिनटेक सेक्टर में कई बड़ी परियोजनाओं से जुड़ा है। वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पूरी तरह चालू होने से उत्तर भारत और पश्चिमी भारत के बीच माल की आवाजाही को बड़ी गति मिलने की उम्मीद है।