भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को और मजबूत करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया है। पार्टी ने गुरुवार को अपने सात प्रमुख मोर्चों के प्रभारियों के नामों का ऐलान कर दिया। इसमें युवा, महिला, अनुसूचित जाति, OBC, किसान, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक मोर्चों की जिम्मेदारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दी गई है। खास बात यह है कि इन सात प्रभारियों में दो नेता मध्य प्रदेश से हैं। पार्टी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चा और डी. पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, राजस्थान BJP के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया और संजय भाटिया को भी पार्टी में अहम जिम्मेदारी दी गई है।
किस नेता को कौन सा मोर्चा मिला?
हरीश द्विवेदी
हरीश द्विवेदी उत्तर प्रदेश के बस्ती से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। उन्होंने 2014 और 2019 में बस्ती से लोकसभा चुनाव जीता था। इसके अलावा वह BJP के राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उन्हें युवा मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जिम्मेदारी युवा मोर्चे की संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने और राज्यों में मोर्चे की टीम तैयार करने में अहम होगी।
डी. पुरंदेश्वरी
डी. पुरंदेश्वरी आंध्र प्रदेश की वरिष्ठ BJP नेता हैं। वह कांग्रेस में भी रह चुकी हैं और केंद्र सरकार में मंत्री के तौर पर काम कर चुकी हैं। वह दो बार लोकसभा सदस्य भी रही हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश BJP की प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। उन्हें महिला मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है। उनके जिम्मे महिला मोर्चे के संगठन को मजबूत करने के साथ राज्यों में टीम के गठन और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का काम होगा।
सतीश पूनिया
राजस्थान BJP के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके सतीश पूनिया आमेर से विधायक भी रहे हैं। राजस्थान विधानसभा में वह डिप्टी लीडर ऑफ अपोजिशन की भूमिका निभा चुके हैं और संगठन में उनकी लंबे समय से सक्रिय भूमिका रही है। उन्हें ST मोर्चे की जिम्मेदारी दी गई है। वह संबंधित मोर्चे के संगठन को मजबूत करने, कार्यकारिणी के गठन और राज्यों में टीम तैयार करने में भूमिका निभाएंगे।
संजय भाटिया
SC मोर्चा के प्रभारी बनाए गए संजय भाटिया 2019 में हरियाणा की करनाल लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। वह BJP हरियाणा के प्रदेश महासचिव भी रह चुके हैं। साल 2026 में उन्हें हरियाणा से राज्यसभा के लिए चुना गया। उन्हें SC मोर्चे की जिम्मेदारी दी गई है।
बैजयंत पांडा
बैजयंत पांडा ओडिशा की केंद्रापाड़ा लोकसभा सीट से सांसद हैं और BJP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। राजनीति की शुरुआत में वह BJD से राज्यसभा और लोकसभा सांसद रह चुके हैं। 2019 में उन्होंने BJP का दामन थामा था। उन्हें OBC मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है।
लाल सिंह आर्या
लाल सिंह आर्या मध्य प्रदेश की गोहद विधानसभा सीट से कई बार विधायक रहे हैं। वह शिवराज सिंह चौहान सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा वह BJP अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उन्हें किसान मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है। उनके जिम्मे किसान मोर्चे की कार्यकारिणी और राज्यों में संगठन को मजबूत करने के साथ पार्टी की किसान इकाई की गतिविधियों को आगे बढ़ाने का काम होगा।
गजेंद्र सिंह पटेल
गजेंद्र सिंह पटेल मध्य प्रदेश की खरगोन लोकसभा सीट से सांसद हैं। उन्होंने 2019 और 2024 में खरगोन से लोकसभा चुनाव जीता। वह पेशे से कृषक होने के साथ राजनीतिज्ञ हैं। उन्हें अल्पसंख्यक मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है। उनके जिम्मे अल्पसंख्यक मोर्चे के संगठन को मजबूत करने, राज्यों में टीम तैयार करने और संबंधित मोर्चे की गतिविधियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
इन सभी सात प्रभारियों की भूमिका केवल नाममात्र की नहीं होगी। पार्टी ने इन्हें संबंधित मोर्चों की कार्यकारिणी तैयार करने, राज्यों में प्रभारियों की नियुक्ति और प्रदेश स्तर पर मोर्चे की टीम तैयार करने में सहयोग की जिम्मेदारी दी है। सभी प्रभारियों को संबंधित मोर्चों के अध्यक्षों के साथ समन्वय बनाकर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके जरिए BJP जमीनी स्तर पर अपने अलग-अलग सामाजिक और संगठनात्मक वर्गों के बीच पहुंच को और मजबूत करने की तैयारी में है।
बता दें कि इससे पहले BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया था। नई टीम में कुल 65 सदस्यों को जगह दी गई है। इनमें 12 यानी 18 फीसदी महिला सदस्य हैं। 14 सदस्यों को दोबारा जिम्मेदारी दी गई है, जबकि 51 नए सदस्यों को टीम में शामिल किया गया है। 73 साल की वसुंधरा राजे सबसे वरिष्ठ हैं, जबकि 35 साल के डॉक्टर हेमांग जोशी सबसे युवा सदस्य हैं।
इसके अलावा BJP ने कई नए राज्य प्रभारियों और सह-प्रभारियों की भी घोषणा की थी। इसमें विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का नया प्रभारी और जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी बनाया गया है। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में प्रभारी और सह-प्रभारी की नियुक्ति को भी अहम माना जा रहा है।
अब सात प्रमुख मोर्चों के प्रभारियों के नामों का ऐलान भी इसी संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। खासकर उत्तर प्रदेश जैसे चुनावी राज्य को देखते हुए BJP की कोशिश संगठन के अलग-अलग मोर्चों को सक्रिय कर जमीनी स्तर पर अपनी तैयारी को और मजबूत करने की होगी। ऐसे में इन नई जिम्मेदारियों के जरिए पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को बूथ और प्रदेश स्तर तक मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है।