मायावती का बड़ा एक्शन, आकाश आनंद BSP से बाहर; यूपी चुनाव से पहले ‘ससुर’ पर सियासी संग्राम

मायावती का बड़ा एक्शन, आकाश आनंद BSP से बाहर; यूपी चुनाव से पहले ‘ससुर’ पर सियासी संग्राम

उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी में बड़ा सियासी घटनाक्रम हुआ है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया है। आकाश आनंद के खिलाफ यह कार्रवाई उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के ऐलान के बाद हुई है।

पिछले कुछ समय से आकाश आनंद की BSP में भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। 9 सितंबर को मायावती ने साफ कहा था कि अगर अशोक सिद्धार्थ राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेते हैं, तभी आकाश आनंद को पार्टी में दोबारा जिम्मेदारी देने पर विचार किया जाएगा। इसके बाद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद मायावती ने अपने बयान में आकाश आनंद पर भी सवाल उठाए। मायावती का आरोप है कि आकाश आनंद पार्टी और बहुजन आंदोलन के हितों को लेकर पूरी तरह स्पष्ट नहीं दिख रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि आकाश ने उनकी सोशल मीडिया पोस्ट तक को रिपोस्ट नहीं किया, जबकि पहले वह ऐसा करते रहे हैं। मायावती ने इसी रवैये को लेकर उन्हें ‘डबल माइंड’ होकर काम करने वाला बताया।

अशोक सिद्धार्थ ने क्या कहा?

मायावती के बयान के बाद आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया पर राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मायावती का आदेश उनके लिए सबसे ऊपर है और उन्होंने करीब 35 वर्षों तक BSP और बहुजन आंदोलन के लिए काम किया है। उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज किया कि वह आकाश आनंद को गुमराह कर रहे थे या पार्टी पर कब्जा करना चाहते थे। अशोक सिद्धार्थ ने मायावती से यह भी अपील की कि उनके संन्यास को आकाश आनंद की पार्टी में वापसी से न जोड़ा जाए। उनका कहना था कि आकाश को वापस जिम्मेदारी देना या नहीं देना मायावती का फैसला है।

मायावती X पोस्ट

अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के कुछ ही समय बाद मायावती ने X पर एक और बड़ा बयान जारी किया और आकाश आनंद को BSP से पूरी तरह अलग कर दिया। मायावती ने कहा कि आकाश आनंद ‘डबल माइंड’ होकर काम कर रहे थे और ऐसे में वह पार्टी और बहुजन आंदोलन का भला कैसे कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आकाश ने उनकी हालिया X पोस्ट को रिपोस्ट करना भी जरूरी नहीं समझा, जबकि पहले वह ऐसा करते रहे हैं। मायावती के मुताबिक, इससे उनके पार्टी के प्रति रुख को लेकर सवाल खड़े होते हैं। मायावती ने यह भी संकेत दिया कि आकाश आनंद पर रिश्ते-नातों का प्रभाव पार्टी और आंदोलन के हितों पर भारी पड़ रहा था।

अब BSP में आगे क्या?

आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किए जाने के बाद BSP के नेतृत्व और आगामी यूपी चुनाव की रणनीति पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। इससे पहले मायावती ने आकाश आनंद से कई जिम्मेदारियां वापस ली थीं। वहीं, पार्टी में उनके छोटे भाई ईशान आनंद को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। ऐसे में माना जा रहा है कि मायावती चुनाव से पहले BSP के संगठन और युवा नेतृत्व को नए सिरे से तैयार कर रही हैं। यूपी चुनाव से पहले मायावती का यह फैसला BSP की अंदरूनी राजनीति के साथ-साथ पार्टी के भविष्य के नेतृत्व को लेकर भी काफी अहम माना जा रहा है।

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