यूपी के 2.5 लाख अधिवक्ताओं के लिए CM योगी का बड़ा ऐलान, 5 लाख तक कैशलेस इलाज समेत कई बड़ी सौगात

यूपी के 2.5 लाख अधिवक्ताओं के लिए CM योगी का बड़ा ऐलान, 5 लाख तक कैशलेस इलाज समेत कई बड़ी सौगात

Prayagraj News: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ता समाज को लेकर बड़ा ऐलान किया है। सोमवार (14 सितंबर 2026) शाम को प्रयागराज में आयोजित एक सम्मान समारोह में सीएम योगी ने प्रदेश के करीब ढाई लाख अधिवक्ताओं के हित में कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने अधिवक्ताओं को समाज के प्रबुद्ध वर्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका बेहद अहम है। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधा, अधिवक्ता कल्याण और न्यायिक ढांचे से जुड़े कई बड़े फैसलों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में हाईकोर्ट और जिला अदालतों में सक्रिय रूप से प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को सालाना 5 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि बढ़ाने, निधन के बाद परिवार को मिलने वाली आर्थिक सहायता की आयु सीमा बढ़ाने और मुकदमों के जल्द निस्तारण के लिए 900 न्यायालयों के गठन जैसे फैसलों का भी जिक्र किया।

अधिवक्ताओं को 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक अधिवक्ताओं के लिए स्वास्थ्य सुविधा से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सक्रिय अधिवक्ताओं को अब हर साल 5 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी और इस योजना में हाईकोर्ट और जिला अदालतों में सक्रिय रूप से प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को शामिल किया जाएगा। इससे अधिवक्ताओं और उनके स्वास्थ्य से जुड़े खर्चों को लेकर आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

अधिवक्ता कल्याण निधि 1.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये

सीएम योगी ने अधिवक्ता कल्याण निधि को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। इसके साथ ही अधिवक्ता के निधन के बाद उनके परिजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता की पात्रता से जुड़ी आयु सीमा में भी बदलाव किया गया है। अब यह सीमा 60 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष कर दी गई है। सरकार के इस फैसले से लंबे समय तक प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

900 नए न्यायालयों के गठन को मंजूरी

मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के दौरान मुकदमों के जल्द निस्तारण के लिए प्रदेश में न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में जिला स्तर पर 900  नए न्यायालयों के गठन को मंजूरी दी गई है। सीएम योगी ने यह भी कहा कि प्रदेश में न्यायिक आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए साल 2017 से लगातार काम किया जा रहा है। इसके अलावा जिन 10 जिलों में जिला अदालतें किराये के भवनों में चलाई जा थीं, वहां इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाने का काम तेजी से चल रहा है। वहीं सरकार के इन प्रयासों का उद्देश्य अदालतों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही मुकदमों के निस्तारण की प्रक्रिया को और बेहतर बनाना है।

राज्य के विधि अधिकारियों की फीस में बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला न्यायालय, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले विधि अधिकारियों से जुड़ा भी अहम फैसला लिया है उन्होंने विधि अधिकारियों की फीस में 50 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि की गई है। साथ ही सरकार की ओर से इसे विधि अधिकारियों को बेहतर सुविधाएं और सम्मान देने की दिशा में उठाया गया  बेहतर कदम बताया गया है।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के नए भवन की सौंपी चाबी

प्रयागराज में हाई कोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद (HCBA) की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में सीएम योगी ने अधिवक्ताओं के लिए तैयार की गई सुविधाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यालय, चैंबर और अधिवक्ता भवन की चाबी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को सौंपी। साथ ही यह आश्वासन भी दिया कि चैंबर में फर्नीचर और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने के लिए मुख्य न्यायमूर्ति के माध्यम से आने वाले प्रस्ताव के अनुरूप सरकार की ओर से सहयोग किया जाएगा। वहीं 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के लिए चैंबर, मल्टीलेवल पार्किंग, डाइनिंग हॉल, कॉमन रूम और लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को बेहतर कार्यस्थल उपलब्ध कराना न्याय व्यवस्था को मजबूत करने का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके अलावा कौशांबी, लखनऊ, कासगंज और श्रावस्ती समेत करीब एक दर्जन जिलों में अधिवक्ता चैंबर के निर्माण के लिए अलग से धनराशि उपलब्ध कराई गई है और 400 राज्य विधि अधिकारियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए टैबलेट दिए जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।

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अपने इस संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के निर्माण में अधिवक्ता समाज के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने पंडित मोतीलाल नेहरू, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय, सरदार वल्लभ भाई पटेल, डॉ. बीआर आंबेडकर और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे प्रमुख अधिवक्ताओं का नाम लेते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर संविधान निर्माण तक अधिवक्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान सीएम ने बार और बेंच के बीच बेहतर संबंधों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बार और बेंच न्याय रूपी रथ के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। दोनों के बीच आपसी सम्मान, शिष्टाचार, संवाद, समन्वय और सहयोग लगातार बना रहना चाहिए।

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