राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों पर मायावती का बड़ा आरोप, बोलीं- ‘धांधली न होती तो परिणाम बेहतर होते’

राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों पर मायावती का बड़ा आरोप, बोलीं- ‘धांधली न होती तो परिणाम बेहतर होते’

Rajasthan Nikay chunav 2026: राजस्थान के शहरी निकाय चुनाव के नतीजों के बाद बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने पार्टी के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चुनाव में जीत हासिल करने वाले बसपा प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं को बधाई दी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कई बसपा उम्मीदवारों को दोबारा मतगणना के दौरान मामूली वोटों के अंतर से हरा दिया गया।

बसपा सुप्रीमों मायावती ने मंगलवार सुबह  अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राजस्थान के निकाय चुनाव में बसपा के 19 पार्षद चुनाव जीतकर आए हैं। उन्होंने पार्टी के छोटे-बड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को जीत के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं।

मायावती ने लगाया सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल का आरोप

बसपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि पार्टी के कई उम्मीदवारों को दोबारा गिनती के दौरान थोड़े-थोड़े वोटों के अंतर से हराया गया। मायावती ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो राजस्थान में बसपा का प्रदर्शन इससे बेहतर हो सकता था। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में सरकारी मशीनरी की गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के कई उम्मीदवार मामूली अंतर से चुनाव हार गए।

पंजाब के निकाय चुनाव का भी किया जिक्र

मायावती ने अपनी इस पोस्ट में राजस्थान के साथ पंजाब और देश के कुछ अन्य राज्यों में हुए स्थानीय निकाय चुनावों का भी जिक्र किया हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में बसपा का प्रदर्शन पहले की तुलना में बेहतर रहा है। साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आगे होने वाले विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनाव में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए मेहनत करने की उम्मीद जताई हैं।

दो चरणों में हुआ था मतदान

बता दें कि राजस्थान के 309 शहरी स्थानीय निकायों के लिए मतदान दो चरणों में कराया गया था। इसके पहले चरण में 9 सितंबर और दूसरे चरण में 11 सितंबर को वोट डाले गए। इन चुनावों में 10,000 से ज्यादा वार्डों के लिए पार्षद चुने गए थे। वहीं इसका परिणाम आने के बाद राजस्थान निकाय चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

जानकारी के मुताबिक बीजेपी ने 4,179 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 3,613 वार्डों में सफलता मिली। निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए 2,273 वार्डों में जीत हासिल की। इस चुनाव के दौरान कई शहरी निकायों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला, जबकि कई जगह निर्दलीय उम्मीदवारों ने समीकरण बदल दिए। उदयपुर, भीलवाड़ा और कोटा में बीजेपी ने स्पष्ट बढ़त हासिल की, जबकि बीकानेर में कांग्रेस मजबूत रही। चुनाव परिणामों के बाद अब अलग-अलग नगर निकायों में बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कई जगह किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है।

 

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