Premanand Maharaj Controversy: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज और भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को लेकर शुरू हुआ विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा की प्रेमानंद महाराज से मुलाकात को लेकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास से जुड़े दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी महाराज ने दावा किया था कि क्रिकेटर को आश्रम आने के लिए 5 करोड़ रुपये दिए गए थे। इस बयान के सामने आने के बाद मथुरा-वृंदावन के संत समाज में नाराजगी फैल गई। विरोध बढ़ने पर फलाहारी महाराज ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है। वहीं, दूसरी ओर प्रेमानंद महाराज भी अपने शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद करीब 14 दिन के अंतराल पर राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे। उनके पहुंचने की खबर मिलते ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई।

5 करोड़ रुपये के दावे से शुरू हुआ विवाद
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा समय-समय पर वृंदावन पहुंचकर प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करते रहे हैं। उनकी आध्यात्मिक यात्राओं से जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आते रहते हैं। इसी बीच फलाहारी महाराज ने दावा किया था कि राजस्थान की एक निजी कंपनी ने विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम तक लाने के लिए 5 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इस दावे के बाद मामला काफी चर्चा में आ गया। हालांकि, विराट कोहली की टीम की ओर से इस दावे को गलत बताया गया। आरोपों को लेकर संत समाज में भी नाराजगी देखने को मिली। संतों का कहना था कि प्रेमानंद महाराज के आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और उनकी निजी आध्यात्मिक यात्रा को लेकर इस तरह के दावे करना उचित नहीं है।
संतों के विरोध के बाद मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद मथुरा-वृंदावन के संतों ने फलाहारी महाराज के बयान पर आपत्ति जताई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिद्धपीठ हनुमान टेकरी पर संत समाज की बैठक हुई, जिसमें फलाहारी महाराज के सामाजिक और धार्मिक बहिष्कार का निर्णय लिया गया। साथ ही, भविष्य में धार्मिक आयोजनों में उन्हें आमंत्रित नहीं करने की बात भी कही गई।
इसके बाद फलाहारी महाराज ने अपने बयान को लेकर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज उनके लिए पूजनीय हैं और यदि उनके किसी बयान से महाराज को दुख पहुंचा है, तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके बयान को मीडिया में गलत तरीके से पेश किया गया। साथ ही, उन्होंने कहा कि इस मामले के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं। हालांकि, इन धमकियों के दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

14 दिन बाद आश्रम पहुंचे प्रेमानंद महाराज
इस विवाद के बीच प्रेमानंद महाराज का आश्रम पहुंचना भी चर्चा में रहा। उनके शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद से आश्रम को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे प्रेमानंद महाराज राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे। उन्होंने वहां श्रीजी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।
इसके बाद वह अपने प्रमुख शिष्यों के साथ वाराह घाट स्थित गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने एकांत में ध्यान किया और अपने गुरु का आशीर्वाद लिया। कुछ समय बाद वह यमुना पार स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए रवाना हो गए। इस दौरान उनकी एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हो गए। बाद में प्रेमानंद महाराज ने यमुना विहार कुंज आश्रम में प्रवचन भी दिए।
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रसिक दुलारी की मौत के बाद चर्चा में आया आश्रम
प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद आश्रम से जुड़ा मामला सुर्खियों में आया था। सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, रसिक दुलारी की मौत इमारत से गिरने के बाद हुई थी। घटनास्थल से जुड़े कुछ संदिग्ध पहलुओं को लेकर भी सवाल उठे और पुलिस ने मामले की जांच की। घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद भी मौत से जुड़े सभी सवालों के जवाब सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हो सके थे। इस घटना के बाद आश्रम को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं होने लगी थीं। हालांकि, जांच से जुड़े तथ्यों और अपुष्ट दावों के बीच अंतर करना जरूरी है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए आधिकारिक जांच और विश्वसनीय जानकारी का इंतजार करना चाहिए।
फिलहाल, विराट कोहली को 5 करोड़ रुपये दिए जाने के दावे और उसके बाद फलाहारी महाराज की माफी ने इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। वहीं, प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं के बीच भी हलचल देखने को मिली। अब इस मामले में आगे क्या होता है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।
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