Premanand Maharaj: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर अब मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है। पिछले दो दिनों में सीएम योगी के पास दो अलग-अलग पत्र पहुंचने की जानकारी सामने आई है, जिनमें प्रेमानंद महाराज को Z+ सुरक्षा दिए जाने की मांग की गई है। श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर यह मांग उठाई और इसके बाद कुछ संतों की ओर से भी महाराज की सुरक्षा बढ़ाने की अपील की गई। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मौत को लेकर केली कुंज आश्रम चर्चा में है और मामले की पुलिस जांच अभी जारी है।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद केली कुंज आश्रम को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। घटना को करीब 9 दिन बीत चुके हैं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और अब तक लगभग 85 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। मामले से जुड़ा एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें रसिक दुलारी को आश्रम की छत से नीचे गिरते हुए देखा जा सकता है। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जुड़ी जानकारी में उनके प्राइवेट पार्ट के कटे होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आत्महत्या से पहले रसिक ने ग्राइंडर से अपना प्राइवेट पार्ट काटा था। हालांकि, उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया और आत्महत्या के पीछे असल वजह क्या थी, इसकी तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। इसी घटना के बाद केली कुंज आश्रम की व्यवस्थाओं और वहां की गतिविधियों को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं।
इसके अलावा रसिक दुलारी की मौत के बाद आश्रम को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। जिसमें कुछ लोगों का कहना है कि आश्रम में दो गुट सक्रिय हैं। इनमें एक पक्ष साधना और तपस्या से जुड़े संतों का बताया जा रहा है, जबकि दूसरे पक्ष पर संपत्ति से जुड़े कामों में शामिल होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसी बीच आश्रम में बच्चों के आने और कुछ बच्चों के बाद में लापता होने से जुड़े दावे भी सामने आए। इन घटनाक्रमों के बीच कुछ संतों और अन्य लोगों ने आशंका जताई कि आश्रम से जुड़े कथित विवाद और वर्चस्व की लड़ाई का असर प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। इसी आशंका के चलते उनकी सुरक्षा बढ़ाकर Z+ करने की मांग उठी है।
CM योगी को पत्र लिखकर क्या मांग की गई?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए पत्रों में प्रेमानंद महाराज को Z+ सुरक्षा देने के साथ आश्रम से जुड़ी गतिविधियों की जांच कराने की मांग की गई है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष और याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी की ओर से भेजे गए पत्र में आश्रम में रहने वाले लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखने की बात भी कही गई है।
यमुना खादर की जमीनों का भी जिक्र
सीएम योगी को भेजे गए पत्र में यमुना खादर की जमीनों से जुड़ी कथित प्रॉपर्टी डीलिंग का मुद्दा भी उठाया गया है। दिनेश फलाहारी ने आश्रम से जुड़े लोगों की संपत्तियों और उनकी गतिविधियों की जांच की मांग की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग प्रेमानंद महाराज के नाम का इस्तेमाल करके अलग-अलग आश्रम चला रहे हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की गई है।

बच्चों से जुड़े दावों की भी जांच की मांग
इस पत्र में केली कुंज आश्रम में बच्चों के रहने और उनके कथित तौर पर गायब होने की आशंका का भी उल्लेख किया गया है। दावा किया गया है कि कुछ बच्चे आध्यात्मिक गतिविधियों के चलते आश्रम में रुक जाते हैं और बाद में उनके परिवार उन्हें तलाश करते हैं। हालांकि, एक मामले में जिस बच्चे के गायब होने का दावा किया गया था, उसके बरसाना में मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद पत्र के जरिए ऐसे मामलों की जांच कराने की मांग की गई है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
सेवादारों के वेरिफिकेशन की मांग
आश्रम में रहने वाले सभी सेवादारों का अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन कराने की मांग भी की गई है। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि इससे आश्रम में रहने वाले लोगों का रिकॉर्ड प्रशासन के पास रहेगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में कार्रवाई करना आसान होगा।
अब तक मामले में क्या हुआ?
रसिक दुलारी की मौत के मामले में पुलिस जांच लगातार जारी है। अब तक करीब 85 लोगों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा CCTV फुटेज को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। आश्रम की ओर से कहा गया है कि वह जांच में पुलिस का सहयोग कर रहा है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि आश्रम को लेकर अफवाह या भ्रामक जानकारी न फैलाएं।
इस बीच केली कुंज आश्रम की व्यवस्थाओं में बदलाव की जानकारी भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि फिलहाल दर्शन और दीक्षा पर रोक लगाई गई है। साधक-साधिकाओं के लिए पहले लागू ड्रेस कोड में भी बदलाव की बात कही जा रही है। पहले सफेद मार्किन के कपड़े और पीला अचला पहनने की व्यवस्था थी, जबकि अब साधक सामान्य कपड़ों या कुर्ता-पायजामा में दिखाई दे रहे हैं। टोकन के जरिए होने वाले दर्शन और यमुना विहार कुंज बेलवान में दीक्षा प्राप्त भक्तों की एंट्री भी बंद होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन व्यवस्थाओं की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

