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फ्लाईदुबई विमान हाईजैक की कोशिश में बड़ा खुलासा, को-पायलट की थी तेल अवीव में विमान क्रैश कराने की थी कथित साजिश

फ्लाईदुबई विमान हाईजैक की कोशिश में बड़ा खुलासा, को-पायलट की थी तेल अवीव में विमान क्रैश कराने की थी कथित साजिश

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को हुई खौफनाक घटना को लेकर जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, विमान के ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर पहले कॉकपिट पर कब्जा करने और इसके बाद विमान को तेल अवीव ले जाकर क्रैश कराने की योजना बनाई थी। जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि विमान को किसी ऊंची इमारत या बेन गुरियन एयरपोर्ट से टकराने की योजना थी। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक जांच अभी जारी है और सभी जानकारियों को फिलहाल आरोप या जांच में सामने आए दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है।

कैप्टन स्मित मच्छार पर किया था हमला

फ्लाइट FZ1073 ने 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरी थी। विमान में 174 यात्री सवार थे और क्रू समेत कुल 182 लोग विमान में मौजूद थे। उड़ान के दौरान ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर कॉकपिट का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की।

यूएई अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कॉकपिट में मौजूद इमरजेंसी क्रैश एक्स का इस्तेमाल किया गया था। हमले में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश जारी रखी और आखिरकार दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद केबिन में मौजूद यात्रियों और क्रू सदस्यों को स्थिति का पता चला और उन्होंने को-पायलट को काबू करने में मदद की। इसी दौरान विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी फ्लाईदुबई पायलट भी कॉकपिट में पहुंचे और विमान का नियंत्रण दोबारा हासिल करने में मदद की।

अचानक तेजी से नीचे आने लगा विमान

को-पायलट के हमले के दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा। सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, विमान ने कुछ ही समय में हजारों फीट की ऊंचाई खो दी। एक रिपोर्ट में करीब 30 सेकंड में 16 हजार फीट नीचे आने का दावा किया गया है, जबकि फ्लाइट डेटा के विस्तृत विश्लेषण में विमान के लगभग 34 हजार फीट से 16,600 फीट तक गिरने की बात सामने आई है। इस दौरान विमान में मौजूद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, कॉकपिट का नियंत्रण दोबारा हासिल होने के बाद स्थिति संभाल ली गई। विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया और विमान में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए।

क्या दोनों इंजनों को बंद करने की कोशिश की गई?

इस घटना की जांच में विमान के इंजन से जुड़ा एक गंभीर पहलू भी सामने आया है। Corriere della Sera की रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ता इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि क्या हमाम अल-हम्मामी ने विमान के दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच को ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ करने की कोशिश की थी। रिपोर्ट में विमान के तेजी से नीचे आने और केबिन में इमरजेंसी लाइटें जलने की जानकारी का भी जिक्र किया गया है। हालांकि, इंजन की फ्यूल सप्लाई बंद करने की कोशिश की गई थी या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल जांच का हिस्सा ही माना जा रहा है।

तेल अवीव में विमान क्रैश कराने की थी कथित योजना

घटना की जांच से जुड़े इजरायली सूत्रों के हवाले से सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हमाम अल-हम्मामी ने पहले कैप्टन को रास्ते से हटाकर विमान पर नियंत्रण करने की योजना बनाई थी। इसके बाद कथित तौर पर विमान को तेल अवीव ले जाकर किसी ऊंची इमारत से टकराने की योजना थी।

कुछ रिपोर्टों में तेल अवीव के Azrieli Towers का भी जिक्र किया गया है। वहीं, एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने बेन गुरियन एयरपोर्ट पर विमान क्रैश करने की इच्छा जताई थी। हालांकि, इन दावों की अभी पूरी तरह आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि को-पायलट का वास्तविक मकसद क्या था और उसने इस घटना की योजना कब से बना रखी थी।

अकेले हमले को अंजाम देने का दावा

अब तक सामने आई जांच संबंधी जानकारी में हमाम अल-हम्मामी के किसी आतंकी संगठन या सरकार से सीधे जुड़े होने का पुख्ता सबूत नहीं मिला है। इजरायली जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में वह अकेले काम करता हुआ नजर आ रहा है। जांच एजेंसियां उसके पुराने संपर्कों, पृष्ठभूमि और संभावित कट्टरपंथी प्रभावों की भी जांच कर रही हैं।

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी से बची 174 लोगों की जान

इस पूरी घटना में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका बेहद अहम रही। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे यात्रियों और क्रू को अंदर की स्थिति का पता चला। इसके बाद यात्रियों और चालक दल ने हमाम अल-हम्मामी को काबू करने में मदद की। वहीं, दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कॉकपिट में पहुंचकर विमान को संभालने में मदद की और आखिरकार फ्लाइट FZ1073 को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। इस तरह एक बेहद खतरनाक स्थिति के बावजूद विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बच गई।

फिलहाल मामले की जांच जारी है। तेल अवीव में विमान क्रैश कराने की कथित योजना, इंजन के फ्यूल स्विच से छेड़छाड़ और को-पायलट के वास्तविक मकसद से जुड़े सवालों पर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार है

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