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इमरान खान की रिहाई पर फिर गरमाई पाकिस्तान की सियासत, तहरीक-ए-इंसाफ ने शुरू किया लॉन्ग मार्च

इमरान खान की रिहाई पर फिर गरमाई पाकिस्तान की सियासत, तहरीक-ए-इंसाफ ने शुरू किया लॉन्ग मार्च

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर सियासी तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मारवत से इस्लामाबाद की ओर लॉन्ग मार्च शुरू कर दिया है। यह मार्च 4 अक्टूबर को शुरू हुआ। इससे पहले पाकिस्तान सरकार और PTI के बीच शुक्रवार और शनिवार को बातचीत के दो दौर हुए, लेकिन किसी समझौते पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद PTI ने अपने प्रदर्शन को आगे बढ़ाने का फैसला किया।

बातचीत नाकाम होने के बाद शुरू हुआ मार्च

सरकार और PTI के बीच बातचीत का पहला दौर 2 अक्टूबर को हुआ था, जबकि शनिवार को दूसरे दौर की बातचीत हुई। दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक स्थिति और PTI की मांगों को लेकर चर्चा हुई, लेकिन बातचीत से कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद PTI ने 4 अक्टूबर से लक्की मारवत के गांधी चौक से इस्लामाबाद की ओर मार्च शुरू कर दिया। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने खुद मार्च का नेतृत्व किया। PTI के अनुसार, मार्च का उद्देश्य इमरान खान की रिहाई और पार्टी की अन्य मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाना है। रिपोर्टों के मुताबिक, मार्च में शुरुआत में 5 हजार से अधिक समर्थक शामिल हुए।

PTI के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक मार्च लक्की मारवत से आगे बढ़ते हुए करक, कोहाट और पेशावर की ओर जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद की तरफ बढ़ेंगे। हालांकि, मार्च के अंतिम चरण और इस्लामाबाद में प्रवेश को लेकर पार्टी ने अभी पूरी योजना सार्वजनिक नहीं की है।

2 हजार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का दावा

PTI का दावा है कि लॉन्ग मार्च से पहले पंजाब में उसके करीब 2 हजार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है। हालांकि, यह संख्या पार्टी की ओर से किया गया दावा है, इसलिए इसे सरकारी तौर पर पुष्ट आंकड़े के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

वहीं, इस्लामाबाद में प्रदर्शनकारियों को राजधानी में प्रवेश करने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सरकार ने राजधानी की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर कंटेनर लगाए हैं और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस्लामाबाद और खैबर पख्तूनख्वा के कई इलाकों में धारा 144 लागू की गई है। इसके तहत सार्वजनिक सभाओं और राजनीतिक जमावड़ों पर प्रतिबंध लगाया गया है। सरकार का कहना है कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

इमरान खान की रिहाई को लेकर PTI की 5 मांगें

PTI की प्रमुख मांगों में सबसे पहले इमरान खान से जेल में तत्काल मुलाकात की अनुमति देना शामिल है। पार्टी चाहती है कि इमरान खान को अस्पताल ले जाकर उनकी मेडिकल जांच कराई जाए और उनके निजी डॉक्टरों को भी इलाज में शामिल किया जाए। इसके अलावा PTI इमरान खान की बहनों और प्रदर्शन से पहले गिरफ्तार किए गए पार्टी समर्थकों की रिहाई की मांग कर रही है। पार्टी ने बुशरा बीबी की उचित मेडिकल जांच और इमरान खान तथा उनके समर्थकों से जुड़े मामलों की बिना राजनीतिक हस्तक्षेप के सुनवाई की मांग भी रखी है।

2023 से जेल में हैं इमरान खान

73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ 100 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें भ्रष्टाचार, राज्य के गोपनीय दस्तावेज और हिंसा से जुड़े मामले शामिल हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी इन मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं।

अल-कादिर ट्रस्ट मामले में इमरान खान को 2025 में 14 साल की सजा सुनाई गई थी। वहीं, साइफर यानी राज्य गोपनीय दस्तावेज मामले में उन्हें 10 साल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन बाद में यह सजा पलट दी गई। तोशाखाना मामले में भी उन्हें सजा मिली है, हालांकि उस मामले में सजा की स्थिति अपील के कारण बदल चुकी है। इसलिए इमरान खान के खिलाफ सभी पुरानी सजाओं को मौजूदा प्रभावी सजा के तौर पर बताना सही नहीं होगा।

अस्पताल भेजने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी विवाद

इमरान खान की सेहत को लेकर भी PTI और सरकार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। 18 अगस्त 2026 को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड गठित करने और इमरान खान के निजी डॉक्टर को उनकी मेडिकल देखभाल में शामिल करने की भी अनुमति दी थी। हालांकि, 21 अगस्त को इमरान खान को अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद वापस अदियाला जेल भेज दिया गया। सरकार ने कहा था कि डॉक्टरों ने उन्हें चिकित्सकीय रूप से फिट पाया, जबकि PTI ने इस कदम को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भावना के खिलाफ बताया था।

अब PTI का लॉन्ग मार्च पाकिस्तान सरकार के लिए नई चुनौती बन गया है। एक तरफ PTI इमरान खान की रिहाई और अपनी अन्य मांगों को लेकर इस्लामाबाद पहुंचने की कोशिश कर रही है, वहीं सरकार राजधानी में प्रदर्शनकारियों के प्रवेश को रोकने की तैयारी में है। ऐसे में आने वाले दिनों में पाकिस्तान की राजनीति में टकराव और बढ़ने की संभावना है।

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