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जेल से बाहर आते ही CJP नेताओं की बढ़ीं मुश्किलें, सौरव दास और आशुतोष रांका को क्राइम ब्रांच का समन

जेल से बाहर आते ही CJP नेताओं की बढ़ीं मुश्किलें, सौरव दास और आशुतोष रांका को क्राइम ब्रांच का समन

CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें जेल से बाहर आने के बाद भी कम नहीं हुई हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दोनों नेताओं को नोटिस जारी कर गुरुवार, 22 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। दोनों को दोपहर 12 बजे दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच के कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया है। पुलिस ने बुधवार रात करीब 8:30 बजे तिहाड़ जेल से बाहर निकलते समय दोनों नेताओं को नोटिस सौंपा।

यह पूरा मामला 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। पुलिस कथित तौर पर सरकारी आदेश का पालन नहीं करने और दूसरे की संपत्ति में प्रवेश करने से संबंधित आरोपों की जांच कर रही है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच की WR1 यूनिट को सौंपी गई है। इसके अलावा पुलिस इस मामले में CJP के एक अन्य नेता अजिंक्य शिंदे से भी लगातार संपर्क कर रही है।

50-50 हजार रुपये के बॉन्ड पर मिली जमानत

बता दें कि सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार 21 अक्टूबर को दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट से जमानत मिली थी। दोनों नेताओं को 50-50 हजार रुपये के बॉन्ड पर रिहा किया गया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया था।

दरअसल, सरकार ने 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद अगले दिन यानी 13 अक्टूबर को सीजेपी के दोनों नेता सौरव दास और आशुतोष रांका तिरंगा लेकर वहां पहुंच गए थे। जिसके बाद पुलिस ने शांति व्यवस्था से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोप में दोनों नेताओं समेत 14 लोगों को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें पांच दिन के लिए जेल भेज दिया गया था। इसके बाद 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत दो दिन के लिए और बढ़ा दी गई थी। और इस मामले में बीते दिन बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि पहले मजिस्ट्रेट के फैसले का इंतजार किया जाए। जरूरत पड़ने पर इसके बाद ऊपरी अदालत का रुख किया जा सकता है।

दोनों मामले क्राइम ब्रांच को सौंपे गए

दिल्ली पुलिस ने CJP नेताओं से जुड़े जंतर-मंतर प्रदर्शन के मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। इससे पहले कनॉट प्लेस में दर्ज मामले को भी क्राइम ब्रांच के हवाले किया गया था। अब दोनों मामलों की जांच क्राइम ब्रांच करेगी। पुलिस जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और कथित नियम उल्लंघन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। इसके तहत सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस अजिंक्य शिंदे से भी संपर्क साध रही है।

23 अक्टूबर को SIR के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन

इस बीच, पीपल अगेंस्ट SIR गठबंधन ने 23 अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया जाएगा। इस अभियान में अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर, अभिनेता प्रकाश राज और CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत कई लोगों के शामिल होने की बात कही गई है। साथ ही आयोजकों ने लोगों से अपने-अपने क्षेत्रों में मार्च और विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने की अपील भी की है।

बता दें कि यह प्रदर्शन पिछले सप्ताह गठबंधन के गठन के बाद आयोजित किया जा रहा है। दिल्ली में हुई एक आपात बैठक में 200 से अधिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था और SIR के विरोध को एकजुट करने के उद्देश्य से बनाए गए इस मंच में नागरिकों के साथ किसान यूनियनों, मजदूर संगठनों और महिला व युवा संगठनों को भी शामिल किया गया है। वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर सौरव दास और आशुतोष रांका को लेकर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि सौरव और आशुतोष उनसे बेहतर और बड़े नेता हैं और अगर वे कुछ कहेंगे, तो वह उनकी बात मानेंगे।

फिलहाल, जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद भी दोनों नेताओं को मुश्किलें वैसी ही बनी हुई है, क्योंकि दोनों नेताओं को क्राइम ब्रांच के सामने पेश होकर जांच में शामिल होना है। अब देखना यह होगा कि क्राइम ब्रांच  के अंतर्गत होने वाली इस जांच और पूछताछ का क्या नतीजा होता है, और कल होने वाले पीपल अगेंस्ट SIR गठबंधन के प्रदर्शन में क्या सौरव दास और आशुतोष रांका एक बार फिर शामिल होते है या नहीं। क्योंकि अभी-अभी दोनों नेताओं को  50-50 हजार के बॉन्ड भरने के बाद रिहा हुए हैं।

ये भी पढ़ें:- CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत, अजिंक्य शिंदे रिहा, तिरंगा फहराने पर दिपके ने उठाए सवाल

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