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रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी में ऐसा क्या हुआ कि हटानी पड़ीं 74 तस्वीरें? तिरंगे की फोटो पर भी विवाद, प्रियंका गांधी ने किया बेटे का समर्थन

रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी में ऐसा क्या हुआ कि हटानी पड़ीं 74 तस्वीरें? तिरंगे की फोटो पर भी विवाद, प्रियंका गांधी ने किया बेटे का समर्थन

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा की आर्ट प्रदर्शनी को लेकर विवाद सामने आया है। रेहान का आरोप है कि दिल्ली के बीकानेर हाउस में उनकी प्रदर्शनी शुरू होने से ठीक पहले दिल्ली में हुए युवा और छात्र विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी कई तस्वीरें हटाने के लिए कहा गया। रेहान के मुताबिक, उनकी प्रदर्शनी में शामिल कुल 105 तस्वीरों में से 74 को हटाना पड़ा। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रबंधन ने भारतीय तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। इस मामले पर प्रियंका गांधी ने बेटे का समर्थन करते हुए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र में कलाकारों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

क्या है पूरा मामला?

रेहान वाड्रा ने दिल्ली के बीकानेर हाउस की मुख्य आर्ट गैलरी में अपनी एकल प्रदर्शनी ‘No Idea Is Final’ आयोजित की है। यह प्रदर्शनी 21 से 25 अक्टूबर तक चलने वाली थी। इसके लिए उन्होंने पिछले कुछ महीनों में अलग-अलग विषयों पर तस्वीरें तैयार की थीं। इनमें वन्यजीव, वास्तुकला, डार्करूम फोटोग्राफी और दिल्ली में हाल के महीनों में हुए युवा एवं छात्र विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरें शामिल थीं।

रेहान के अनुसार, इस प्रदर्शनी में कुल 105 तस्वीरें लगाई जानी थीं। हालांकि, उनका आरोप है कि प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले प्रबंधन ने विरोध-प्रदर्शनों से संबंधित तस्वीरें हटाने को कहा। इसके बाद उनकी अधिकांश तस्वीरें प्रदर्शनी से बाहर कर दी गईं और केवल 35 से 40 तस्वीरें ही प्रदर्शित करने के लिए बचीं। रेहान ने इस घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विरोध में संदेश देना नहीं था। वह पिछले छह महीनों के दौरान देश की राजधानी में हुए आंदोलनों को एक कलाकार की नजर से दर्ज करना चाहते थे।

विरोध-प्रदर्शनों की तस्वीरों पर क्यों जताई गई आपत्ति?

रेहान वाड्रा ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि बीकानेर हाउस प्रबंधन ने विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरों की राजनीतिक प्रकृति को लेकर आपत्ति जताई थी। उनके मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे उन्हें सूचना दी गई कि शाम 5 बजे तक संबंधित तस्वीरें हटा दी जाएं, अन्यथा प्रदर्शनी रद्द की जा सकती है। रेहान का दावा है कि उन्हें बताया गया कि देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए इन तस्वीरों को प्रदर्शित करने का यह उचित समय नहीं है। हालांकि, तस्वीरें हटाने को लेकर बीकानेर हाउस प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने की जानकारी नहीं है।

रेहान ने इस कार्रवाई को कलाकारों की अभिव्यक्ति पर रोक लगाने की कोशिश बताया। उनका कहना है कि एक कलाकार के तौर पर अपने आसपास हो रही घटनाओं को दर्ज करना उनकी जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, इन तस्वीरों के जरिए वह उन पलों को सहेजना चाहते थे, जब बड़ी संख्या में लोग किसी मुद्दे को लेकर एक साथ सड़कों पर उतरते हैं।

तिरंगे की तस्वीरें हटाने से रेहान ने किया इनकार

इस पूरे विवाद में भारतीय तिरंगे की तस्वीरों को लेकर भी चर्चा हो रही है। रेहान ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर दावा किया कि उनसे भारतीय तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने के लिए भी कहा गया था। हालांकि, उन्होंने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया।

रेहान ने अपनी पोस्ट में कहा कि वह भारतीय तिरंगे की तस्वीरें नहीं हटाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में प्रदर्शनी का आयोजन आंशिक रूप से ही हो पाएगा, लेकिन वह विरोध-प्रदर्शनों से संबंधित तस्वीरों का पूरा संग्रह प्रदर्शित करने के लिए किसी दूसरी जगह की तलाश करेंगे। रेहान का कहना है कि उनकी तस्वीरों का मकसद पिछले छह महीनों में हुए आंदोलनों का दस्तावेज तैयार करना था। वह इन तस्वीरों के जरिए उस माहौल और सामूहिक गतिविधि को कलात्मक रूप में सामने लाना चाहते थे, जो विरोध-प्रदर्शनों के दौरान देखने को मिलती है।

 

रॉबर्ट वाड्रा ने बताया, प्रदर्शनी से ठीक पहले बना दबाव

रेहान के पिता और प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कि तस्वीरें हटाने के लिए प्रदर्शनी शुरू होने से महज दो घंटे पहले दबाव बनाया गया। उनके मुताबिक, यह घटनाक्रम इसलिए भी हैरान करने वाला था, क्योंकि अधिकारियों को प्रदर्शनी से संबंधित पीडीएफ फाइल करीब एक सप्ताह पहले ही उपलब्ध करा दी गई थी।

रॉबर्ट वाड्रा ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि अधिकारियों ने प्रदर्शनी स्थल का दौरा किया था और वहां लगाई जाने वाली तस्वीरों को भी देखा था। उस समय किसी तरह की आपत्ति नहीं जताई गई थी। इसके बावजूद, प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले तस्वीरें हटाने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी रेहान ने हिम्मत दिखाते हुए उपलब्ध तस्वीरों के साथ प्रदर्शनी जारी रखी। रॉबर्ट वाड्रा ने अपने बेटे के इस फैसले पर गर्व जताया और कहा कि प्रदर्शनी के लिए आमंत्रित किए गए लोग भी वहां पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि बीकानेर हाउस राजस्थान सरकार के अधीन आता है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले समाज में कला और रचनात्मकता को राजनीतिक विवादों से जोड़ने के बजाय हर व्यक्ति को अपनी बात रखने की आजादी मिलनी चाहिए।

प्रियंका गांधी ने बेटे के समर्थन में क्या कहा?

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर रेहान का समर्थन किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में सत्ता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सच के साथ खड़े रहने की बात कही।

प्रियंका गांधी ने लिखा, “जब सत्ता में बैठा कोई व्यक्ति किसी दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो शायद उसे एहसास भी नहीं होता कि वह उसी सत्ता को खो चुका है, जिसे बचाने की कोशिश कर रहा है। तुम सच के साथ खड़े रहो, और हर खूबसूरत चीज खुद-ब-खुद तुम्हारे पास आ जाएगी। मुझे तुम पर गर्व है, और हमेशा रहेगा।” इस संदेश के जरिए प्रियंका गांधी ने अपने बेटे के प्रति समर्थन और गर्व जाहिर किया। उनकी प्रतिक्रिया के बाद यह मामला राजनीतिक और सांस्कृतिक जगत में चर्चा का विषय बन गया है।

कौन हैं रेहान वाड्रा?

रेहान वाड्रा कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा के बेटे हैं। वह पेशे से फोटोग्राफर और विजुअल आर्टिस्ट हैं। उनकी दिलचस्पी फोटोग्राफी के विभिन्न रूपों में है और उनकी प्रदर्शनी ‘No Idea Is Final’ इसी रचनात्मक काम को दर्शाती है। जिसमें उन्होंने प्रकृति, वन्यजीव, वास्तुकला और सामाजिक घटनाओं से संबंधित तस्वीरों को शामिल किया गया था। विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरों के हटाए जाने के उनके आरोप ने कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

फिलहाल, इस मामले में तस्वीरें हटाने के पीछे प्रशासन की ओर से विस्तृत कारण सामने आने का इंतजार है। रेहान ने अपने पूरे फोटो संग्रह को प्रदर्शित करने के लिए दूसरी जगह तलाशने की बात कही है। अब देखना होगा कि इस विवाद पर बीकानेर हाउस प्रशासन की ओर से क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है।

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