धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब मनन मिश्रा निशाने पर! जानिए कौन हैं BCI चेयरमैन और क्यों उठी इस्तीफे की मांग

धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब मनन मिश्रा निशाने पर! जानिए कौन हैं BCI चेयरमैन और क्यों उठी इस्तीफे की मांग

Nalsar University Controversy: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा भी एक विवाद को लेकर चर्चा में हैं। हैदराबाद स्थित नालासार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से जुड़े इस मामले में छात्रों के एनरोलमेंट पर BCI के फैसले ने विवाद खड़ा कर दिया। हालांकि, बाद में काउंसिल ने अपने फैसले को वापस ले लिया है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग तेजी से उठने लगी हैं।

क्या है NALSAR का पूरा मामला?

नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (NALSAR) यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था। समारोह में उन्हें मुख्य अतिथि बनाए जाने को लेकर कुछ छात्रों ने विरोध जताया। इसी विरोध के बाद यह मामला बार कांउसिल ऑफ इंडिया (BCI) तक पहुंचा, और काउंसिल ने एक सख्त कदम उठाया।

BCI ने देश के सभी स्टेट बार काउंसिल्स को निर्देश दिया- कि अगले आदेश तक NALSAR के 2026 बैच के ग्रेजुएट्स का एनरोलमेंट न किया जाए। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी से उन छात्रों की पहचान करने के लिए विस्तृत जांच की मांग की गई, जिसने इस अभियान को आयोजित किया था, और जो लोग इसमें शामिल हुए थे। काउंसिल की ओर से इस कार्रवाई के पीछे यह तर्क दिया गया कि देश के सर्वोच्च न्यायिक पद का अनादर करना भविष्य के वकीलों से अपेक्षित पेशेवर मूल्यों के अनुरूप नहीं है। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर BCI और उसके चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की आलोचना शुरू हो गई।

BCI के फैसले के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मनन कुमार मिश्रा के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने BCI की कार्रवाई को लेकर तीखी टिप्पणी की और पूछा कि क्या अब मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग करने का समय आ गया है। CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने भी इस पोस्ट को शेयर करते हुए छात्रों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद अभिजीत दीपके ने एक अन्य पोस्ट के जरिए मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग की, जिसे सौरभ दास ने भी साझा किया।

मनन मिश्रा ने क्या कहा?

विवाद बढ़ने के बाद मनन कुमार मिश्रा ने CJP के नेताओं के रुख पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि BCI का उद्देश्य देश के युवाओं और छात्रों के हितों की रक्षा करना है। BCI के हित भी छात्रों के अधिकारों की रक्षा करना ही हैं। मनन मिश्रा ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह CJP के नेताओं से बातचीत करेंगे और बातचीत करने से वह पीछे नहीं हटते। फिलहाल, NALSAR विवाद ने छात्रों के विरोध, बार काउंसिल की भूमिका और भविष्य के वकीलों के पेशेवर मूल्यों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। इसी के साथ BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा भी लगातार चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।

कौन हैं मनन कुमार मिश्रा?

मनन कुमार मिश्रा देश के चर्चित अधिवक्ताओं में शामिल हैं। उनका जन्म बिहार के गोपालगंज जिले में हुआ और शुरुआती शिक्षा भी वहीं से हुई। इसके बाद उन्होंने पटना लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की, और 1980 में एलएलबी की डिग्री हासिल की। कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने गोपालगंज सिविल कोर्ट से वकालत की शुरुआत की। इसके बाद 1982 में पटना हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की।

मनन कुमार मिश्रा के सार्वजनिक जीवन में बड़ा मोड़ 1989 में आया, जब वह बिहार स्टेट बार काउंसिल के सदस्य बने। उन्होंने यहां लगातार सात बार चुनाव जीतकर अपनी मजबूत पकड़ बनाई। साल 2010 में वह पहली बार BCI के सदस्य चुने गए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में भी वकालत की। 9 नवंबर 2014 को वह पहली बार BCI के चेयरमैन बने। इसके बाद से वह लगातार इस पद पर बने हुए हैं। BCI देश में वकालत के पेशे और कानूनी शिक्षा से जुड़े मामलों को नियंत्रित करने वाली प्रमुख वैधानिक संस्था है।

मनन कुमार मिश्रा का राजनीतिक सफर बहुजन समाज पार्टी (BSP) से शुरू हुआ। बाद में वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ गए। अगस्त 2024 में BJP ने उन्हें बिहार से राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया, और वह निर्विरोध चुने गए। इसके बाद मार्च 2025 में उन्हें दोबारा राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना गया। वर्तमान में वह BCI के चेयरमैन होने के साथ BJP के राज्यसभा सांसद भी हैं।

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