Healthy Foods for Monsoon: बरसात का मौसम गर्मी से राहत देने के साथ-साथ अपने साथ कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी लेकर आता है। बारिश के दौरान बढ़ी नमी, तापमान में उतार-चढ़ाव और बदलते मौसम का सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ सकता है। खासतौर पर इस मौसम में पाचन तंत्र कमजोर होने के कारण पेट फूलना, गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। आयुर्वेद में पाचन शक्ति को ‘अग्नि’ कहा गया है। माना जाता है कि मानसून के दौरान पाचन अग्नि कमजोर हो जाती है, जिसकी वजह से शरीर के लिए भारी और तला-भुना खाना पचाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में बारिश के मौसम में खान-पान पर विशेष ध्यान देना जरूरी हो जाता है। अगर आप भी मानसून के दौरान अपने पेट को स्वस्थ और पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में कुछ खास खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं। जो न सिर्फ पाचन को सपोर्ट करने में मदद कर सकती है बल्कि जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करेगी। तो आइए जानते हैं उन चीजों के बारे में, जिन्हें बारिश के मौसम में अपनी डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
मूंग दाल की खिचड़ी
मूंग दाल और मूंग दाल की खिचड़ी हमारी सेहत के लिए हमेशा से ही फायदेमंद मानी जाती है, खासकर बरसात के मौसम में। क्योंकि इस दौरान हमारा पाचन तंत्र थोड़ा कमजोर हो जाता है। ऐसे में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लेना बेहतर माना जाता है। इसी लिहाज से मूंग दाल की खिचड़ी एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। इसके अलावा यह हल्की होने के साथ-साथ पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है। इसमें दाल से प्रोटीन और चावल से कार्बोहाइड्रेट मिलता है, जो शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं। वही इसकी नरम बनावट और कम मसालों की वजह से इसे पचाना भी अपेक्षाकृत आसान होता है और पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता।
दही और छाछ
बरसात के मौसम में दही और छाछ को अपनी डाइट में शामिल करना पाचन के लिए फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को सपोर्ट करने में मदद कर सकते हैं, जिससे पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। वहीं, छाछ एक हल्का और ताजगी देने वाला पेय है, जिसे भोजन के साथ या बाद में लिया जा सकता है। आप चाहें तो छाछ में थोड़ा सा काला नमक और भुना हुआ जीरा मिलाकर इसका स्वाद बढ़ा सकते है वहीं जीरा और काला नमक पाचन संबंधी असहजता को कम करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही खाना खाने के बाद होने वाले भारीपन और पेट फूलने की समस्या में भी राहत मिल सकती है।
अनार और पपीता
इस मौसम में अनार और पपीता को अपनी डाइट में शामिल करना लाभदायक हो सकता है क्योंकि अनार में कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं और यह शरीर को आयरन समेत अन्य पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है। वहीं, पपीता पाचन तंत्र के लिए एक अच्छा फल माना जाता है। इसमें फाइबर पाया जाता है, जो पाचन को बेहतर बनाए रखने और आंतों की सेहत को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है। लेकिन सबसे जरूरी बात इस मौसम में फलों का सेवन करते समय साफ–सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है क्योंकि दूषित भोजन से पेट में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए इस मौसम में ताजे और साफ फलों का ही सेवन करें।
ओट्स और साबुत अनाज
ओट्स और साबुत अनाज को अपनी डाइट में शामिल करना पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद हो सकता है। यह फाइबर से भरपूर के कारण पाचन को बेहतर बनाए रखने और आंतों की नियमितता को सपोर्ट करने में मदद करते हैं। इसके अलावा गेहूं, भूरा चावल, मक्का, जई,बाजरा जैसे साबुत अनाज भी फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। मानसून में पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए डाइट में फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है।
अजवाइन और सौंफ
अगर आपको इस मौसम में खाना खाने के बाद पेट फूलने, गैस या भारीपन जैसी समस्या महसूस होती है, तो आप अजवाइन और सौंफ का इस्तेमाल कर सकते है इसके लिए आप भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में सौंफ चबा सकते हैं या अजवाइन को गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं। इनका सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर होता है। इसके अलावा अगर आपको पहले से पेट से जुड़ी कोई समस्या है या किसी खाद्य पदार्थ से परेशानी होती है, तो इसका सेवन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।