Mirzapur the movie : मिर्जापुर की गलियों का भौकाल अब ओटीटी की स्क्रीन से निकलकर थिएटर तक पहुंच चुका है। 4 सितंबर को रिलीज हुई ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर फैंस के बीच पहले से ही जबरदस्त क्रेज था। फिल्म रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर दर्शकों के रिएक्शन की बाढ़ आ गई है। किसी को फिल्म के डायलॉग्स पसंद आ रहे हैं, तो कोई एक्शन और बैकग्राउंड म्यूजिक की तारीफ कर रहा है। लेकिन इन सबके बीच रवि किशन की एंट्री ने खास तौर पर लोगों का ध्यान खींचा है।
‘मिर्जापुर’ के तीन सीजन देखने के बाद फैंस के लिए फिल्म का इंतजार आसान नहीं था। खासकर कालीन भैया, गुड्डू पंडित और मुन्ना भैया जैसे किरदारों को बड़े पर्दे पर देखने की एक्साइटमेंट अलग ही लेवल पर थी। अब शुरुआती सोशल मीडिया रिएक्शंस से लग रहा है कि फिल्म ने कम से कम अपने फैंस को निराश नहीं किया है। एक दर्शक ने फिल्म को लेकर ‘कड़क’ प्रतिक्रिया दी। उसके मुताबिक शुरुआत थोड़ी धीमी जरूर है, लेकिन फिल्म आगे बढ़ने के साथ बेहतर होती जाती है और इंटरवल से पहले का बिल्डअप काफी दमदार है। वहीं कुछ दर्शकों ने फिल्म को थिएटर में देखने का अनुभव शानदार बताया है।
रवि किशन की एंट्री पर सीटियां और हूटिंग
फिल्म में रवि किशन बब्बुआ यादव के किरदार में नजर आ रहे हैं और उनकी एंट्री सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा कारण बन गई है। एक फैन ने उनकी एंट्री को फिल्म के लिए नई एनर्जी बताया। रवि किशन के किरदार में दबंग अंदाज के साथ एक अलग तरह का स्वैग देखने को मिल रहा है, जिसे दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक फैन ने तो सीधे कह दिया कि ‘नाम छोटा है, भौकाल नहीं’। यानी किरदार का नाम भले ही नया हो, लेकिन उसकी मौजूदगी मिर्जापुर के पुराने रंग में ही रंगी नजर आ रही है।
गुड्डू और मुन्ना की वापसी भी बनी हाईलाइट
फिल्म में अली फजल एक बार फिर गुड्डू पंडित और दिव्येंदु शर्मा मुन्ना भैया के रोल में लौटे हैं। दोनों की स्क्रीन प्रेजेंस को लेकर भी फैंस काफी उत्साहित नजर आए। शुरुआती प्रतिक्रियाओं में मुन्ना भैया की एंट्री को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला है। वहीं पंकज त्रिपाठी का कालीन भैया वाला अंदाज भी फिल्म की बड़ी ताकत बताया जा रहा है। फिल्म में पुराने किरदारों की वापसी के साथ कहानी को बड़े पर्दे के हिसाब से ज्यादा सिनेमैटिक स्केल देने की कोशिश की गई है।
डायलॉग्स और एक्शन ने भी पकड़ी रफ्तार
‘मिर्जापुर’ की पहचान सिर्फ उसके किरदार नहीं, बल्कि उसके डायलॉग्स, हिंसा और देसी अंदाज से भी है। शुरुआती दर्शक प्रतिक्रियाओं में फिल्म के डायलॉग्स पर थिएटर में सीटियां और हूटिंग की बातें सामने आई हैं। एक दर्शक ने इंटरवल के बाद सोशल मीडिया पर लिखा कि फिल्म में ऐसे कई डायलॉग्स हैं जिन पर दर्शक जमकर रिएक्ट कर रहे थे। एक्शन और बैकग्राउंड स्कोर को भी पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिल रहा है. कुछ प्रतिक्रियाओं में सेकंड हाफ को पहले हाफ से ज्यादा मजबूत बताया गया है। हालांकि हर दर्शक की राय एक जैसी नहीं है। कुछ लोगों को फिल्म की रफ्तार धीमी लगी और उन्होंने इसे खास तौर पर ‘मिर्जापुर’ के फैंस के लिए फिल्म बताया।
क्या फिल्म उम्मीदों पर खरी उतरी?
शुरुआती रिएक्शन को देखें तो ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है। जहां एक तरफ कई दर्शक इसे एंटरटेनिंग और पैसा वसूल बता रहे हैं, वहीं कुछ को इसकी लंबाई और धीमी कहानी खटक रही है। एक रिव्यू में फिल्म को बड़े पर्दे के लिए ज्यादा सिनेमैटिक और मास एंटरटेनर बताया गया, लेकिन दूसरे हाफ की शुरुआत में गिरावट की बात भी कही गई। यानी फिल्म ने ‘मिर्जापुर’ की पुरानी पहचान—गोलियां, गालियां, बदला, सत्ता और भौकाल—को बड़े पर्दे पर बनाए रखने की कोशिश की है। अब ये फिल्म दर्शकों के बीच कितनी लंबी पारी खेलती है, इसका फैसला बॉक्स ऑफिस आने वाले दिनों में करेगा। फिलहाल सोशल मीडिया पर इतना जरूर साफ है कि मिर्जापुर का भौकाल थिएटर में एंट्री मार चुका है।