UP News: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों के जरिए युवाओं को रोजगार देने के अभियान के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 1,375 नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच से 11 नवचयनित अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में ईमानदारी और पारदर्शिता ने प्रदेश की अलग पहचान बनाई है। उनके मुताबिक, इसी व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख और तेजी से आगे बढ़ते राज्यों में शामिल करने में भूमिका निभाई है।

मिशन रोजगार के तहत हुई ग्राम पंचायत अधिकारियों की भर्ती
यह नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग ने तय समय सीमा के भीतर चयन प्रक्रिया को पूरा किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार नियुक्ति पत्र बांटती रहेगी और विपक्ष चाहे तो इन नियुक्तियों की गिनती करता रहे।
2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया पर उठते थे सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले सरकारी नौकरी का विज्ञापन जारी होने के साथ ही भर्ती प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में आशंकाएं पैदा हो जाती थीं। उनका दावा है कि आर्थिक रूप से कमजोर और बिना किसी राजनीतिक या प्रभावशाली संपर्क वाले योग्य युवाओं को भी कई बार नौकरी से वंचित रहना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि सरकार ने भर्ती व्यवस्था में बदलाव कर इस तरह की अनियमितताओं को खत्म करने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की गिनती देश के पिछड़े राज्यों में होती थी, लेकिन आज प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

सपा पर योगी का हमला, सैफई को लेकर साधा निशाना
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौर में विकास का दायरा सीमित था और उनके लिए विकास का मतलब केवल सैफई तक सिमट गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र की ओर से गरीबों के लिए आवास और शौचालय जैसी योजनाएं लागू करने में तत्कालीन सरकार ने अपेक्षित सहयोग नहीं किया।
2017 से पहले माफिया को लेकर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में प्रदेश की कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले कई जिलों में माफिया का प्रभाव था और समानांतर व्यवस्था जैसी स्थिति बनी हुई थी। उस समय हथियारों के साथ काफिले निकलने और त्योहारों के आसपास तनाव की घटनाओं की शिकायतें सामने आती थीं। सीएम योगी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने माफिया और अराजकता के खिलाफ कार्रवाई की, जिसके बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में बदलाव आया है।
कार्यक्रम में दिखाई गई ग्रामीण विकास पर लघु फिल्म
नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान ग्रामीण विकास पर आधारित एक विशेष लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इसके अलावा दो नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को चयन प्रक्रिया से जुड़े अपने अनुभव साझा करने का भी मौका दिया गया। इसके अलावा कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित कुल 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को इस प्रक्रिया के तहत नियुक्ति मिली है। मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त अधिकारियों से अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी और पूरी निष्ठा के साथ निभाने की अपील की।
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