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कौन हैं अजिंक्य शिंदे? अभिजीत दिपके की हिरासत के बाद मिली CJP आंदोलन की जिम्मेदारी, जानिए AAP से क्या है कनेक्शन

कौन हैं अजिंक्य शिंदे? अभिजीत दिपके की हिरासत के बाद मिली CJP आंदोलन की जिम्मेदारी, जानिए AAP से क्या है कनेक्शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले ही पुलिस की कार्रवाई ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे पार्टी के प्रमुख चेहरे अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को फ्लाइट से ही हिरासत में ले लिया गया। वहीं मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके घर पर डिटेन किया गया था। पार्टी के प्रमुख नेताओं की गैरमौजूदगी में अब आंदोलन की कमान अजिंक्य शिंदे को सौंपी गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर अजिंक्य शिंदे कौन हैं, राजनीति में उनका सफर कैसा रहा है और अभिजीत दिपके के साथ उनका संबंध क्या है?

दिपके ने पहले ही बना लिया था वीडियो

कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि अभिजीत दिपके ने गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए पिछली रात ही अपना संदेश रिकॉर्ड कर लिया था। इस वीडियो में उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक वह, सौरव दास और आशुतोष रांका हिरासत में रहेंगे, तब तक पार्टी के नेशनल ऑर्गनाइजेशन इंचार्ज अजिंक्य शिंदे प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे। इसके अलावा दिपके ने समर्थकों से अजिंक्य के साथ जुड़ने और उनके निर्देशों का पालन करने की अपील भी की।

CJP का यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान कथित अनियमितताओं के विरोध में आयोजित किया गया है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग लगातार उठा रही है। वहीं प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त किए जाने, कई स्थानों पर बैरिकेडिंग करने और सड़कों पर स्पाइक स्ट्रिप्स लगाने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे माहौल में अजिंक्य शिंदे के सामने पार्टी के आंदोलन को संभालने और प्रदर्शनकारियों को एकजुट रखने की जिम्मेदारी है।

कौन हैं अजिंक्य शिंदे?

महाराष्ट्र के रहने वाले अजिंक्य शिंदे कॉकरोच जनता पार्टी के नेशनल ऑर्गनाइजेशन इंचार्ज हैं। पार्टी के भीतर उनकी भूमिका संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बनाने और कार्यक्रमों को व्यवस्थित तरीके से आयोजित कराने की है। किसी आंदोलन की तैयारी से लेकर टीम के गठन और आयोजन के प्रबंधन तक, संगठन से जुड़े कई काम उनकी जिम्मेदारी में आते हैं। CJP को अभिजीत दिपके ने युवाओं से जुड़े एक राजनीतिक आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया है। अब जब पार्टी के प्रमुख नेता हिरासत में हैं, तो संगठनात्मक जिम्मेदारी संभालने का अनुभव रखने वाले अजिंक्य को नेतृत्व सौंपा गया है।

बता दें कि अजिंक्य का राजनीतिक अनुभव केवल CJP तक सीमित नहीं है। बल्कि वह आम आदमी पार्टी (AAP) की महाराष्ट्र यूथ विंग के कन्वीनर रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने AAP की राष्ट्रीय संगठन निर्माण टीम में भी सदस्य के तौर पर काम किया है। महाराष्ट्र में पार्टी का संगठन खड़ा करने और उसे अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने के काम में उनकी भूमिका रही है।

 

2016 में हुई थी दिपके से पहली मुलाकात

अजिंक्य शिंदे और अभिजीत दिपके के बीच पुराना परिचय है। दोनों की पहली मुलाकात साल 2016 में गोवा में हुई थी। उस समय अजिंक्य ने निजी क्षेत्र की नौकरी छोड़कर आम आदमी पार्टी के लिए पूर्णकालिक रूप से काम करने का फैसला किया था। AAP से जुड़ने के बाद उन्होंने लगभग एक साल तक गोवा में पार्टी के चुनावी अभियान के लिए काम किया। हालांकि, गोवा विधानसभा चुनाव में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली और वह अपना खाता भी नहीं खोल सकी। इसके बावजूद अजिंक्य ने राजनीतिक गतिविधियों से दूरी नहीं बनाई और संगठन के काम में जुटे रहे। गोवा के बाद वह आम आदमी पार्टी की महाराष्ट्र इकाई से जुड़ गए। यहां उन्होंने अलग-अलग जिलों में संगठन को मजबूत करने के लिए काम किया। उनके बारे में बताया जाता है कि उन्होंने महाराष्ट्र के सभी जिलों का दौरा किया और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क बनाए रखा।

पुणे की IT कंपनी में कर चुके हैं काम

राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले अजिंक्य शिंदे निजी क्षेत्र में नौकरी भी कर चुके हैं। उन्होंने कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की है और पुणे में एक अंतरराष्ट्रीय IT कंपनी में कई वर्षों तक काम किया। नौकरी के दौरान भी वह अपने समय के अनुसार आम आदमी पार्टी की गतिविधियों के लिए योगदान देते रहे। राजनीति में आने के लिए उन्होंने बाद में नौकरी छोड़ दी थी।

अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिए जाने के बाद अजिंक्य शिंदे के सामने सबसे बड़ी चुनौती CJP के प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की है। उन्हें न केवल पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाए रखना होगा, बल्कि प्रदर्शन की रणनीति और संगठनात्मक व्यवस्था को भी संभालना होगा। अब देखना यह होगा कि अजिंक्य शिंदे पार्टी के इस विरोध प्रदर्शन को किस दिशा में ले जाते हैं और प्रमुख नेताओं की हिरासत के बीच CJP जंतर-मंतर पर अपनी रणनीति को किस तरह आगे बढ़ाती है।

ये भी पढ़ें:-दिल्ली पहुंचते ही अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास हिरासत में, ध्रुव राठी भी डिटेन

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