बुखार उतरने के बाद भी नहीं जा रही कमजोरी? रिकवरी के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

बुखार उतरने के बाद भी नहीं जा रही कमजोरी? रिकवरी के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

मानसून के मौसम में डेंगू, चिकनगुनिया, टाइफाइड और वायरल इंफेक्शन जैसी बीमारियों का खतरा अधिक बढ़ जाता है। इन बीमारियों में बुखार और दूसरे लक्षण कुछ दिनों में कम हो सकते हैं, लेकिन कई लोगों को इसके बाद भी लंबे समय तक थकान, कमजोरी, शरीर में दर्द और ऊर्जा की कमी महसूस होती रहती है। कई बार तो बुखार ठीक होने के बाद भी व्यक्ति पहले की तरह काम नहीं कर पाता। इसे आमतौर पर पोस्ट-इंफेक्शियस थकान (Post-Infectious Fatigue) कहा जाता है। ऐसे में शरीर को दोबारा पूरी तरह स्वस्थ होने के लिए पर्याप्त आराम, पानी और पोषण की जरूरत होती है। तो आइए जानते हैं, बुखार के बाद कमजोरी क्यों रहती है और इसे दूर करने व तेजी से रिकवरी के लिए किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

बुखार के बाद कमजोरी क्यों रहती है?

बुखार के दौरान शरीर का इम्यून सिस्टम संक्रमण से लड़ने में काफी ऊर्जा खर्च करता है। वहीं, बुखार के दौरान भूख कम होने, कम खाना खाने और शरीर में पानी की कमी होने से कमजोरी और बढ़ सकती है। इसके अलावा शारीरिक गतिविधि भी कम हो जाती है। लंबे समय तक आराम करने से मांसपेशियों की ताकत और स्टैमिना भी कुछ समय के लिए कम हो सकता है। इसी वजह से बुखार ठीक होने के बाद सीढ़ियां चढ़ने या थोड़ी देर चलने पर भी थकान महसूस हो सकती है।

बुखार के बाद रिकवरी के लिए क्या करें?

पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें

आमतौर पर बुखार के दौरान शरीर में पानी की कमी हो सकती है। वहीं, अगर बीमारी के दौरान उल्टी या दस्त हुए हों, तो शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी और ज्यादा हो सकती है, जिससे शरीर थका-थका महसूस कर सकता है। इसलिए रिकवरी के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए। इसके अलावा जरूरत के अनुसार ORS, नारियल पानी, सूप और अन्य तरल पदार्थ भी डाइट में शामिल किए जा सकते हैं।

डाइट में प्रोटीन को करें शामिल

वायरल फीवर के दौरान शरीर की ताकत और मांसपेशियों पर भी असर पड़ सकता है। बीमारी के दौरान पर्याप्त मात्रा में भोजन न कर पाने की वजह से भी कमजोरी महसूस हो सकती है। ऐसे में बुखार के बाद रिकवरी के समय भोजन में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए दाल, पनीर, दूध-दही, अंडे, सोया और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा मौसमी फल और हरी सब्जियों को भी भोजन का हिस्सा बनाएं, ताकि शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिल सकें।

एक बार में ज्यादा खाना खाने से बचें

अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोग बुखार ठीक होने के तुरंत बाद ही भारी खाना या बहुत अधिक मात्रा में खाना शुरू कर देते हैं। जबकि ऐसा करने के बजाय एक बार में ज्यादा खाना खाने की जगह दिनभर में छोटे-छोटे मील लेना बेहतर हो सकता है। इसके अलावा फीवर के बाद हल्के और आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थ जैसे- खिचड़ी, दलिया, दाल-चावल, हल्की सब्जियां और सूप से शुरुआत करनी चाहिए। जैसे-जैसे भूख और पाचन सामान्य होने लगे, धीरे-धीरे अपनी सामान्य डाइट पर वापस लौटना चाहिए।

पर्याप्त नींद लें और शरीर को आराम दें

बुखार उतरने के बाद तुरंत अपनी पुरानी दिनचर्या में लौटना सही नहीं होता। शरीर को बीमारी से उबरने और खोई हुई ऊर्जा वापस पाने के लिए पर्याप्त आराम की जरूरत होती है। इसलिए रिकवरी के दौरान पूरी नींद लें और जरूरत से ज्यादा काम करने से बचें। बुखार ठीक होने के बाद भी तुरंत भारी वर्कआउट या जिम शुरू न करें। बल्कि शुरुआत हल्की वॉक और रोजमर्रा की सामान्य गतिविधियों से करें और शरीर की क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे एक्टिविटी बढ़ाएं।

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डॉक्टर की सलाह के बिना सप्लीमेंट न लें

कमजोरी महसूस होने पर कुछ लोग खुद से आयरन, विटामिन या दूसरे सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं। लेकिन हर व्यक्ति में कमजोरी का कारण एक जैसा नहीं होता और हर किसी को सप्लीमेंट की जरूरत भी नहीं होती। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के अपनी मर्जी से सप्लीमेंट नहीं लेना चाहिए। अगर कमजोरी लगातार बनी हुई है या सामान्य गतिविधियां करने में भी परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच के बाद ही किसी विटामिन या सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं।

रिकवरी में लग सकता है थोड़ा समय

बुखार ठीक होने के बाद शरीर को पूरी तरह सामान्य होने में हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग समय लग सकता है। कुछ लोग कुछ दिनों में अपनी सामान्य ऊर्जा हासिल कर लेते हैं, जबकि कुछ लोगों में थकान और कमजोरी कई दिनों या कुछ हफ्तों तक बनी रह सकती है। इसलिए बुखार उतरते ही खुद पर ज्यादा काम या एक्सरसाइज का दबाव न डालें। पर्याप्त आराम, संतुलित भोजन और सही हाइड्रेशन के जरिए शरीर को रिकवर होने का समय दें।

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Disclaimer: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए है। किसी बीमारी, दवा या सप्लीमेंट से जुड़ा फैसला लेने से पहले योग्य डॉक्टर की सलाह लें।

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