Asian Games 2026: भारतीय बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन के लिए 2 अक्टूबर का दिन बेहद खास बन गया है। अपने जन्मदिन के मौके पर रिंग में उतरीं लवलीना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चीन की बाओ ज़ियी को हराकर महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। इस जीत के साथ उन्होंने एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने का अपना सपना भी पूरा कर लिया, जो पिछले संस्करण में फाइनल हारने की वजह से अधूरा रह गया था।

लवलीना ने पूरे मुकाबले के दौरान संयम बनाए रखा और चीन की बाओ ज़ियी के आक्रामक खेल का प्रभावी जवाब दिया। भारतीय बॉक्सर ने अहम मौकों पर सटीक पंच लगाए और जजों के स्कोर में बढ़त हासिल की। आखिरकार उन्होंने मुकाबला 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से अपने नाम किया। जन्मदिन के दिन गोल्ड मेडल जीतकर लवलीना ने देश को भी बड़ा तोहफा दिया।
पहले राउंड में मिली 3-2 की बढ़त
गोल्ड मेडल मुकाबले की शुरुआत में चीन की बाओ ज़ियी ने आक्रामक अंदाज में खेलना शुरू किया। लेकिन लवलीना ने सीधे टकराव के बजाय सही मौके का इंतजार किया और प्रभावी पंच लगाकर अंक जुटाए। पहले राउंड के बाद भारतीय बॉक्सर ने 3-2 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद दूसरे राउंड में दोनों मुक्केबाजों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। लवलीना ने अपने डिफेंस और अटैक के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखा और जजों के स्कोर में बढ़त हासिल की। इस राउंड के बाद भी लवलीना मुकाबले में मजबूत स्थिति में बनी रहीं।

तीसरे राउंड में पूरी तरह छाईं लवलीना
दो राउंड के बाद लवलीना के पास गोल्ड जीतने का शानदार मौका था और उन्होंने तीसरे राउंड में भी अपना दबदबा बनाए रखा। भारतीय मुक्केबाज ने आक्रामकता के साथ-साथ अपने डिफेंस पर भी ध्यान दिया और बाओ ज़ियी को वापसी का मौका नहीं दिया। तीसरे राउंड के बाद जजों ने लवलीना के पक्ष में फैसला सुनाया और उन्होंने चीन की बाओ ज़ियी को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले हांगझोऊ एशियन गेम्स में उन्हें फाइनल मुकाबले में चीन की ली कियान से हार का सामना करना पड़ा था और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था।
एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर
लवलीना बोरगोहेन अब एशियाई खेलों में बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि महान भारतीय बॉक्सर एमसी मैरीकॉम ने हासिल की थी। मैरीकॉम ने साल 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में महिलाओं के 51 किलोग्राम फ्लाइवेट वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। इसके अलावा अगर एशियाई खेलों में भारत के बॉक्सिंग प्रदर्शन की बात करें तो साल 2010 भारत के लिए सबसे सफल संस्करणों में रहा था। उस समय भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 9 पदक जीते थे, जिसमें 2 गोल्ड, 3 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज शामिल थे।
कॉमनवेल्थ गेम्स की कसक भी हुई दूर
लवलीना के लिए यह साल उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भी उन्होंने गोल्ड मेडल मुकाबले तक का सफर तय किया था, लेकिन फाइनल में जीत हासिल नहीं कर सकीं और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। ऐसे में एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर उन्होंने उस कमी को भी पूरा कर दिया। लवलीना के गोल्ड के बाद एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदकों की संख्या 71 हो गई है। भारत ने अब तक 12 गोल्ड, 25 सिल्वर और 34 ब्रॉन्ज सहित कुल 71 पदक जीते हैं और मेडल टैली में छठे स्थान पर है।
लवलीना के लिए यह जीत इसलिए भी यादगार रहेगी क्योंकि उन्होंने अपने जन्मदिन यानी 2 अक्टूबर को देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर जश्न को दोगुना कर दिया। पिछले एशियन गेम्स के फाइनल की निराशा के बाद इस बार लवलीना ने स्वर्ण पदक के साथ अपनी कहानी को एक नए मुकाम तक पहुंचाया है।


