https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-4295913954012131

INDIA ब्लॉक का चलो दिल्ली मार्च, भगवान दास रोड पर रोका गया काफिला, खड़गे, प्रियंका और अखिलेश भी हुए शामिल

INDIA ब्लॉक का चलो दिल्ली मार्च, भगवान दास रोड पर रोका गया काफिला, खड़गे, प्रियंका और अखिलेश भी हुए शामिल

दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहा विपक्ष का विरोध प्रदर्शन सोमवार, 12 अक्टूबर को और तेज हो गया। कांग्रेस के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के नेताओं ने ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ के तहत बाराखंभा रोड़ से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए।

यह मार्च ऐसे समय में निकाला गया, जब विपक्षी नेताओं की भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मुलाकात की मांग स्वीकार नहीं की गई थी। इसके बाद विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करने और कानूनी तरीके से अपनी शिकायतें रखने का फैसला किया। दिनभर चले इस घटनाक्रम में मार्च, पुलिस की बैरिकेडिंग, याचिका दाखिल करने और अदालत की टिप्पणियों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बनी रही।

संविधान क्लब से शुरू हुई मार्च की तैयारी, बाराखंभा रोड पर जुटे नेता

कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के नेताओं ने सोमवार को दिल्ली के संविधान क्लब में जुटने के बाद बाराखंभा रोड की ओर मार्च की शुरुआत की। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अलग-अलग राज्यों से पार्टी कार्यकर्ता भी दिल्ली पहुंचे थे। वहीं बड़ी संख्या में समर्थकों के जुटने से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। बाराखंभा रोड़ से मंडी हाउस और सुप्रीम कोर्ट तक के रास्ते पर बैरिकेटिंग की गई और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहें इस मार्च में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेता गाड़ियों और बसों में आगे बढ़े, जबकि उनके साथ कार्यकर्ता पैदल चलते दिखाई दिए।

वहीं प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस ने इस अभियान को ‘चलो दिल्ली–मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ नाम दिया था। मार्च में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस दौरान नेताओं ने दोहराया कि SIR को लेकर उनकी आपत्तियां दूर होनी चाहिए और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।

CJI सूर्यकांत ने मिलने से किया था इनकार

 

मार्च से पहले INDIA ब्लॉक के नेताओं ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा था। विपक्षी नेता SIR से जुड़ी शिकायतों और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी मांगों पर ज्ञापन सौंपना चाहते थे। हालांकि, CJI ने मुलाकात से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि संबंधित मुद्दे पहले से न्यायिक विचाराधीन हैं और ऐसी शिकायतों पर प्रशासनिक माध्यम से निर्देश नहीं दिए जा सकते। नेताओं को कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत का दरवाजा खटखटाने का विकल्प दिया गया।

वहीं राहुल गांधी ने मार्च से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यह लड़ाई लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए है। उन्होंने विपक्ष के मार्च की तुलना भगवान शिव की बारात से करते हुए कहा कि इसमें कोई भी शामिल हो सकता है। कांग्रेस ने आम नागरिकों, युवाओं और सिविल सोसाइटी के लोगों से भी आंदोलन में भाग लेने की अपील की।

भगवान दास रोड पर रोका गया मार्च

सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ रहे विपक्षी नेताओं के काफिले को दिल्ली पुलिस की बैरिकेडिंग का सामना करना पड़ा। पुलिस ने अदालत के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी। भगवान दास रोड के पास मार्च को रोक दिया गया। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने ले मेरिडियन होटल के नजदीक लगाए गए पहले बैरिकेड को पार किया था। इलाके में पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई थी। इस दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या सड़क पर मौजूद रही। राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर कानूनी याचिका दाखिल करना था। राहुल गांधी की ओर से उनके वकीलों ने याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी की।

राहुल गांधी की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल

मार्च के दौरान सामने आई सबसे अहम जानकारी यह रही कि राहुल गांधी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई और रिपोर्टों के मुताबिक उसे रजिस्टर भी कर लिया गया। राहुल गांधी की कानूनी टीम ने अदालत की रजिस्ट्री में याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस तरह, विपक्ष का विरोध केवल सड़क तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मामला कानूनी प्रक्रिया तक भी पहुंचा।

CJP ने भी आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया

इसी बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े नेताओं ने भी दिल्ली में प्रदर्शन जारी रखने की बात कही। संगठन के प्रतिनिधियों ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए तारीख देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलती है, तो वे आगे भी आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

CJP से जुड़े प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई और वकीलों को हिरासत में लिए जाने के मुद्दे पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की मांग उठी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए, लेकिन इसकी वजह से अदालत का कामकाज, वकीलों की आवाजाही और मुकदमों से जुड़े लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। अदालत ने हिरासत से संबंधित याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई करने की बात कही। 12 अक्टूबर को हुए मार्च के बाद इस पूरे घटनाक्रम के दो प्रमुख पहलू सामने आए हैं। पहला, विपक्ष ने SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपना राजनीतिक विरोध तेज किया है। दूसरा, राहुल गांधी की ओर से याचिका दाखिल होने के बाद अब संबंधित मांगों पर कानूनी प्रक्रिया का रास्ता खुला है।

ये भी पढ़ें:- राहुल गांधी बोले- ‘यह शिव की बारात है, इसमें कोई भी शामिल हो सकता है’, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन

 

 

administrator

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *