लखनऊ के सिविल अस्पताल में शुरू हुई सुपर स्पेशियलिटी OPD, न्यूरोलॉजी-कार्डियोलॉजी-नेफ्रोलॉजी की मिलेगी सुविधा, उपमुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

लखनऊ के सिविल अस्पताल में शुरू हुई सुपर स्पेशियलिटी OPD, न्यूरोलॉजी-कार्डियोलॉजी-नेफ्रोलॉजी की मिलेगी सुविधा,  उपमुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

लखनऊ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। अब अस्पताल में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और नेफ्रोलॉजी जैसी गंभीर बीमारियों से जुड़ी सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की पहल पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के सहयोग से इन तीनों विभागों की विशेषज्ञ ओपीडी शुरू की गई है। इससे लखनऊ के अलावा आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों को भी काफी फायदा मिलने की उम्मीद है।

गुरुवार (10 सितंबर) को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सिविल अस्पताल में न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और कार्डियोलॉजी की सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी के साथ स्ट्रोक यूनिट, न्यूरोसर्जरी वार्ड और ऑपरेशन थिएटर का भी शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, लोहिया संस्थान और सिविल अस्पताल के डॉक्टरों समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। नई सुविधाओं का उद्देश्य गंभीर और जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को समय पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है।

विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे मरीजों का इलाज

इस नई व्यवस्था के तहत लोहिया संस्थान के विशेषज्ञ डॉक्टर सिविल अस्पताल में सप्ताह में एक-एक दिन न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और नेफ्रोलॉजी की ओपीडी में मरीजों को देखेंगे। इन विभागों से जुड़ी बीमारियों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने के लिए अब हर बार बड़े चिकित्सा संस्थानों का रुख नहीं करना पड़ेगा। मरीजों को इन विशेषज्ञ ओपीडी में दिखाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद निर्धारित दिन पर अस्पताल पहुंचकर विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लिया जा सकेगा। इससे मरीजों को इलाज की प्रक्रिया को समझने और आगे की जांच या उपचार के लिए सही दिशा मिलने में मदद मिलेगी।

अस्पताल में मिलेगी कई जरूरी सुविधाएं

न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और नेफ्रोलॉजी से जुड़ी बीमारियों में समय पर इलाज बेहद महत्वपूर्ण होता है। न्यूरोलॉजी में स्ट्रोक, मस्तिष्क और नसों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का इलाज किया जाता है। वहीं कार्डियोलॉजी में हृदय संबंधी बीमारियों और नेफ्रोलॉजी में किडनी से जुड़ी समस्याओं का उपचार किया जाता है।

ऐसे में अब सिविल अस्पताल में इन क्षेत्रों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की ओपीडी शुरू होने से मरीजों को शुरुआती स्तर पर ही विशेषज्ञ सलाह मिल सकेगी, और जरूरत पड़ने पर आगे की जांच, भर्ती या ऑपरेशन के लिए भी डॉक्टर उचित सलाह दे सकेंगे।

KGMU और SGPGI जैसे संस्थानों पर कम होगा दबाव

अभी तक न्यूरो, हृदय और किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों के मरीजों को अक्सर KGMU, SGPGI या लोहिया संस्थान जैसे बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाता है। इन अस्पतालों में पहले से ही बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिससे ओपीडी और अन्य चिकित्सा सेवाओं पर दबाव रहता है।

सिविल अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शुरू होने से शुरुआती स्तर पर ही कई मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श मिल सकेगा। इससे बड़े चिकित्सा संस्थानों में अनावश्यक रेफरल और मरीजों की भीड़ को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही आसपास के जिलों से लखनऊ आने वाले मरीजों को भी इलाज के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

स्ट्रोक मरीजों के लिए भी महत्वपूर्ण सुविधा

बता दें कि सिविल अस्पताल में स्ट्रोक यूनिट शुरू होना भी इस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है क्योंकि स्ट्रोक के मामलों में इलाज जितनी जल्दी शुरू हो, मरीज के लिए उतना बेहतर माना जाता है। ऐसे में नई स्ट्रोक यूनिट के जरिए मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा देने की कोशिश की जाएगी। इसके साथ ही न्यूरोसर्जरी वार्ड और ऑपरेशन थिएटर की शुरुआत से न्यूरो संबंधी गंभीर मामलों में अस्पताल की क्षमता बढ़ेगी। इससे ऐसे मरीजों को इलाज के लिए दूसरे बड़े अस्पतालों में भेजने की जरूरत कुछ मामलों में कम हो सकती है।

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लोहिया संस्थान के विशेषज्ञ देंगे सेवाएं

सिविल अस्पताल और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बीच हुए समझौते के तहत लोहिया संस्थान के विशेषज्ञ चिकित्सक सिविल अस्पताल में अपनी सेवाएं देंगे। विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों की जांच, परामर्श और जरूरत के अनुसार आगे के उपचार की सलाह देंगे। इस व्यवस्था का एक बड़ा फायदा यह होगा कि सरकारी अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के लिए अलग-अलग संस्थानों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे।

दूसरे सरकारी अस्पतालों तक भी बढ़ाई जा सकती है सुविधा

इस कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाना है। उन्होंने संकेत दिया कि सिविल अस्पताल में शुरू की गई इस व्यवस्था को सफल होने पर प्रदेश के अन्य सरकारी अस्पतालों तक भी विस्तार दिया जा सकता है। सरकार की कोशिश है कि मरीजों को सरकारी अस्पतालों में ही बेहतर और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जाए। सिविल अस्पताल में शुरू हुई सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी, स्ट्रोक यूनिट, न्यूरोसर्जरी वार्ड और ऑपरेशन थिएटर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

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